-भारत चौहान
कोटा। कोटा की अग्रणी एग्रो प्रोसेसिंग इंडस्ट्री रूकमणी देवी गर्ग एग्रो इंपैक्स लिमिटेड अपना एसएमई आईपीओ बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर लेकर आई है। खास बात यह है कि यह कोटा से पहला कृषि क्षेत्र का आईपीओ होगा, जो इस शहर की खाद्यान्न और कृषि व्यापार में ऐतिहासिक पहचान को नई उंचाईयां देगा। कंपनी के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर विशाल गर्ग एवं डायरेक्टर अंजू गर्ग ने पत्रकार वार्ता में बताया कि यह आईपीओ 26 सितम्बर को ओपन हो चुका है और 30 सितम्बर 2025 को बंद होगा।
कोटा नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष अतिथि राजेश कृष्ण बिरला ने अपने संबोधन में कहा कि रूकमणी देवी गर्ग एग्रो इंपैक्स लिमिटेड का यह आईपीओ न सिर्फ कंपनी के लिए, बल्कि पूरे कोटा और हाड़ौती अंचल के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। यह कृषि क्षेत्र में कोटा की पहचान को और भी ऊँचाई देगा। यह आईपीओ किसानों, व्यापारियों, निवेशकों और आम नागरिकों सभी के लिए वरदान सिद्ध होगा। कंपनी की निरंतर प्रगति और पारदर्शिता पर आधारित कार्यशैली निश्चित ही देशभर में कोटा का नाम रोशन करेगी। कृषि क्षेत्र में ऐसा पहला आईपीओ कोटा से आना इस बात का प्रतीक है कि अब यहां के किसान और उद्योगपति भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराने जा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि रुकमणी देवी गर्ग एग्रो इंपेक्स लिमिटेड के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर विशाल गर्ग व डायरेक्टर अंजू गर्ग के नेतृत्व में यह कंपनी आने वाले समय में देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अमिट छाप छोड़ेगी। इस आईपीओ के माध्यम से जो पूंजी जुटेगी, वह किसानों के लिए नए अवसर, व्यापार जगत के लिए नई संभावनाएं और कोटा के लिए एक स्वर्णिम भविष्य लेकर आएगी। मैं रूकमणी देवी गर्ग एग्रो इंपैक्स लिमिटेड परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ और आशा करता हूँ कि यह कदम आने वाली पीढि़यों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
रुकमणी देवी गर्ग एग्रो इंपेक्स लिमिटेड के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर विशाल गर्ग व डायरेक्टर अंजू गर्ग ने कंपनी के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए पत्रकार वार्ता में बताया कि कंपनी 23.52 करोड़ का आईपीओ लेकर आई है, कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 327 करोड़ रूपये की रेवेन्यू दर्ज की थी।
रुकमणी देवी गर्ग एग्रो इंपेक्स लिमिटेड के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर विशाल गर्ग ने बताया कि उनकी कंपनी की स्थापना वर्ष 1998 में हुई थी और यह कृषि उपज एग्रीग्रेटर के कारोबार में सक्रिय है। कंपनी के प्राथमिक एग्री प्रोडक्ट गेहूं, सरसों, धनिया, मक्का, अलसी व सोयाबीन आदि शामिल हैं, जिन्हें यह राजस्थान में फैले कच्चे आढ़तियों के माध्यम से बड़ी तादाद में किसानों से उपज खरीदती है। कृषि उपज की खरीद कटाई के दौरान की जाती है, उसे वर्गीकृत किया जाता है और कच्चे रूप में संग्रहित किया जाता है। गेहूं के मामले में, कच्ची और प्रसंस्कृत दोनों किस्मों के वर्गीकृत, क्रमबद्ध और पैक गेहूं का प्रसंस्करण कंपनी के रीको के इंद्रप्रस्थ इंडस्ट्रीयल एरिया में स्थित प्लांट में किया जाता है, जो करीब 2290 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला हुआ है, पैंतीस सौ मीट्रिक टन की स्टोरेज क्षमता है। यह संयंत्र लंदन, यूके से आयातित पूर्णतः स्वचालित छंटाई मशीनों से सुसज्जित है। कंपनी करीब 20 हजार मीट्रिक टन की कुल स्टोरेज कैपेसिटी वाले तीन स्वामित्व वाले वेयरहाउस का संचालन करती है। कंपनी द्वारा प्रोसेस्ड गेहूं 123 वितरकों के माध्यम से शरबती, हैप्पी-फैमिली और ताजमहल ब्रांड के पैक बिक्री करती है। कंपनी ने इस इश्यू में 23.76 शेयर इश्यू किये हैं।
यह पूरा इश्यू फ्रेश इश्यू है। इसमें किसी भी प्रकार का ऑफर फोर सेल शामिल नहीं है। कंपनी ने आईपीओ का प्राइस बैंड 93 से 99 रुपए प्रति शेयर निर्धारित किया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 245 करोड़ रुपए की रेवेन्यू पर 5.02 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट अर्जित किया था, जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 में कंपनी ने 327 करोड़ रुपए की रेवेन्यू पर 7.57 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। कंपनी का शेयर 6 अक्टूबर 2025 को बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होना संभावित है। जुटाई गई राशि मुख्यतः कार्यशील पूंजी और कॉर्पोरेट उद्देश्यों में प्रयुक्त होगी।
रूक्मणी देवी गर्ग एग्रो इम्पेक्स लिमिटेड, आर.डी.जी. गु्रप की एक कंपनी है। आर.डी.जी गु्रप न केवल उपरोक्त क्षेत्रों में सक्रिय है, बल्कि इसकी समूह कंपनियों में आरडीजी सॉल्वेंट लिमिटेड (सरसों कच्ची घानी और सोयाबीन ऑयल एक्सटेªक्शन प्लांट, रिफाइनरी) ताथेड़ में स्थित है, इंडियन वेयरहाउसिंग कॉर्पोेरेशन लिमिटेड, (कृषि भंडारण वेयरहाउस कंपनी) और कोस्को हाइब्रिड एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड (बीज कंपनी) जैसी कृषि से संबंधित कंपनियां भी शामिल हैं।






