हाल ही देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक बांसवाड़ा दौरे ने राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को नई पहचान दी है। नापला में आयोजित कार्यक्रम में मोदी ने ‘पीएम-कुसुम’ योजना के लाभार्थियों से आत्मीय संवाद किया, जिससे केंद्र और राज्य सरकार के साझे विजन की झलक स्पष्ट दिखी। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि सरकार किसानों की आय को दोगुना करके ग्रामीण अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए अक्षय ऊर्जा योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इस अवसर पर 2800 मेगावाट की माही बांसवाड़ा परमाणु परियोजना, व अनेक ऊर्जा, सिंचाई व रेल योजनाओं का लोकार्पण हुआ, जो स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं को रोजगार, खेतों में सिंचाई और हर घर तक बिजली पहुंचाने में ऐतिहासिक साबित होंगी।
पीएम-कुसुम योजना की शुरुआत भारत सरकार ने 2019 में की थी, जिसका उद्देश्य किसानों को सौर ऊर्जा चलित पंप सेट उपलब्ध कराना, कृषि आय की पुनर्रचना और हर गांव को बिजली-पानी संबंधी आत्मनिर्भरता देना है। पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट डॉ नयन प्रकाश गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्योंनूरूप क्रियान्वित इस योजना को किसान कल्याण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर कहा, जिससे अब तक लाखों किसान लाभान्वित हो चुके हैं और राजस्थान अव्वल राज्य बना है। राजस्थान में कुसुम योजना के तीन घटकों ग्रिड कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट, सोलराइजेशन ऑफ एग्रीकल्चरल फीडर्स तथा सोलर पंप ,पर उल्लेखनीय कार्य हुआ है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस प्रसंग में राज्य के सरकारी भवनों पर रूफ टॉप सोलर संयंत्र, 19 करोड़ पौधारोपण अभियान, जल संरक्षण, और ग्रामीण रोजगार वृद्धि की सराहना करते हुए कहा कि मोदीजी के मार्गदर्शन में बांसवाड़ा विकास का नया केंद्र बन गया है।भजनलाल सरकार की प्रतिबद्धता से बांसवाड़ा सहित प्रदेश के आदिवासी, पिछड़े और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में सतत बदलाव आया है।
मुख्यमंत्री ने खुद सभा में पीएम मोदी का स्वागत करते हुए, प्रदेशवासियों की तरफ से धन्यवाद दिया कि हर बार मोदी राजस्थान आते हैं, यहां विकास की नई सौगातें सौंपकर जाते हैं। बांसवाड़ा में माही परमाणु परियोजना, वंदे भारत ट्रेनों, और सिंचाई जल योजनाओं के प्रदेशव्यापी लोकार्पण से राज्य की अर्थव्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य को मजबूती मिली है। बीते दो वर्षों में राज्य सरकार ने 19 करोड़ पौधे लगाए, जल संरक्षण एवं ऊर्जा आत्मनिर्भरता को हर पंचायत में नर्सरी, भूजल रिचार्ज, व सूर्यघर रूफ टॉप सोलर संयंत्र जैसी योजनाओं से ज़मीनी स्तर पर लागू किया है।
पीएम मोदी और सीएम भजनलाल शर्मा के डबल इंजन नेतृत्व में बांसवाड़ा के ग्रामीण व आदिवासी समुदायों को सरकारी योजनाओं की सीधी सौगात, प्रमाण पत्र, पोषण, रोजगार, बिजली कनेक्शन, और शिक्षा-स्वास्थ्य लाभ मिला है। सरकार ने ग्राम सेवा शिविरों में प्रमाण पत्र, पेंशन, और राशन कार्ड जैसी सुविधाएँ मौके पर ही उपलब्ध करायीं, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ी और नागरिक दरवाजे तक सेवा पहुँची। इसी नये राज्य विकास मॉडल ने बांसवाड़ा को ग्रामीण सशक्तिकरण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता का उदाहरण बना दिया है।बांसवाड़ा के ऐतिहासिक बदलाव में पीएम-कुसुम योजना की भूमिका, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की कार्यक्षमता और प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता ने राजस्थान को विकसित भारत के मजबूत स्तंभ की ओर अग्रसर किया है। आज विकसित बांसवाड़ा- विकसित राजस्थान की गूंज पूरे देश में है, और यह उदाहरण करोड़ों ग्रामीणों को प्रगति की नई उम्मीद दिला रहा है।

युवा मैनेजमेंट विश्लेषक पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट यूथ सशक्तिकरण कोच डॉ. नयन प्रकाश गांधी





पीएम-कुसुम योजना की शुरुआत भारत सरकार ने 2019 में की थी, जिसका उद्देश्य किसानों को सौर ऊर्जा चलित पंप सेट उपलब्ध कराना, कृषि आय की पुनर्रचना और हर गांव को बिजली-पानी संबंधी आत्मनिर्भरता देना है। पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट डॉ नयन प्रकाश गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्योंनूरूप क्रियान्वित इस योजना को किसान कल्याण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर कहा, जिससे अब तक लाखों किसान लाभान्वित हो चुके हैं और राजस्थान अव्वल राज्य बना है। राजस्थान में कुसुम योजना के तीन घटकों ग्रिड कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट, सोलराइजेशन ऑफ एग्रीकल्चरल फीडर्स तथा सोलर पंप ,पर उल्लेखनीय कार्य हुआ है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस प्रसंग में राज्य के सरकारी भवनों पर रूफ टॉप सोलर संयंत्र, 19 करोड़ पौधारोपण अभियान, जल संरक्षण, और ग्रामीण रोजगार वृद्धि की सराहना करते हुए कहा कि मोदीजी के मार्गदर्शन में बांसवाड़ा विकास का नया केंद्र बन गया है।भजनलाल सरकार की प्रतिबद्धता से बांसवाड़ा सहित प्रदेश के आदिवासी, पिछड़े और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में सतत बदलाव आया है।
मुख्यमंत्री ने खुद सभा में पीएम मोदी का स्वागत करते हुए, प्रदेशवासियों की तरफ से धन्यवाद दिया कि हर बार मोदी राजस्थान आते हैं, यहां विकास की नई सौगातें सौंपकर जाते हैं। बांसवाड़ा में माही परमाणु परियोजना, वंदे भारत ट्रेनों, और सिंचाई जल योजनाओं के प्रदेशव्यापी लोकार्पण से राज्य की अर्थव्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य को मजबूती मिली है। बीते दो वर्षों में राज्य सरकार ने 19 करोड़ पौधे लगाए, जल संरक्षण एवं ऊर्जा आत्मनिर्भरता को हर पंचायत में नर्सरी, भूजल रिचार्ज, व सूर्यघर रूफ टॉप सोलर संयंत्र जैसी योजनाओं से ज़मीनी स्तर पर लागू किया है।

