Wednesday, February 25, 2026
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आधार के दुरूपयोग को रोकने में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका, साइबर फ्रॉड पर लगे अंकुश – मुख्य सचिव

जयपुर/मुख्य सचिव  सुधांश पंत ने कहा कि प्रदेश में आधार के दुरूपयोग एवं इससे होने वाले साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए एआई (अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का उपयोग किये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बाल आधार (5 साल तक के बच्चे का आधार) सैचुरेशन को बढ़ाने के लिए सम्बंधित सभी विभाग आवश्यक कार्यवाही में तेजी लाए एवं लंबित कार्यों को शीघ्र सम्पादित करें।

मुख्य सचिव  सुधांश पंत गुरुवार को शासन सचिवालय में आयोजित यूआईडी कार्यान्वयन समिति (यूआईडीआईसी) की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आधार की विश्वसनीयता को बनाये रखने के लिए तकनीक के इस दौर में एआई का उपयोग कर आधार से सम्बंधित साइबर फ्रॉड को रोका जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक प्रयास करने के लिए निर्देशित किया।

बैठक में पंत ने बाल नामांकन को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग को आवश्यक कार्यवाही के दिशा निर्देश दिए। उन्होने कहा कि 5 वर्ष तक आयु के बच्चों के आधार नामांकन के लिए प्रदेश में प्री-स्कूल और आंगनबाड़ियों में विशेष अभियान चला कर जागरूकता फैलाई जाए। प्रदेश के सरकारी एवं निजी विद्यालयों को इस सम्बन्ध में निर्देशित कर आधार नामांकन में वृद्धि की जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न आईईसी गतिविधियों के माध्यम से इस दिशा में व्यापक प्रचार-प्रसार कर माता-पिता को बाल आधार नामांकन के लिए प्रोत्साहित किया जाए। मुख्य सचिव ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संचालन पर भी विशेष ध्यान देने के लिए निर्देशित किया। पंत ने सम्बंधित विभागों को आधार नामांकन एवं अपडेशन की प्रक्रिया में आवश्यक अन्य दस्तावेजों के भी डिजिटाइजेशन के लिए निर्देश दिए।

बैठक में निदेशक, क्षेत्रीय कार्यालय, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण, नई दिल्ली,  कुमार उज्ज्वल ने राज्य में आधार सैचुरेशन की स्थिति एवं अन्य आवश्यक विषयों पर चर्चा की। शासन सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार, श्रीमती अर्चना सिंह ने इस सम्बन्ध में नोडल विभाग द्वारा किये जा रहे प्रयासों एवं प्रगति की जानकारी दी।

इस अवसर पर यूआईडीआईसी की गत बैठक में विभागों को दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन की समीक्षा भी की गई। जिसके तहत प्रदेश में अनिवार्य बायोमीट्रिक अपडेट, आधार लिंक बर्थ रजिस्ट्रेशन (एएलबीआर), स्टेट वेरिफिकेशन पोर्टल की स्थिति, जिला स्तरीय आधार मॉनिटरिंग समिति (डीएलएएमसी) जैसी विषयों की प्रगति की जानकारी साझा की गई। समीक्षा में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजनाओं और सुशासन कार्यक्रमों में आधार-सक्षम सेवाओं को भी शामिल किया गया।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह, भास्कर ए. सावंत, प्रमुख शासन सचिव आयोजना, भवानी सिंह देथा, प्रमुख शासन सचिव राजस्व, दिनेश कुमार, शासन सचिव महिला एवं बाल विकास, महेंद्र सोनी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के परियोजना निदेशक डॉ. संतोष कुमार गोयल, संयुक्त सचिव वित्त, सियाज, संयुक्त सचिव स्कूल शिक्षा, मनीष गोयल, संयुक्त सचिव कृषि, रामनारायण बड़गुजर, अतिरिक्त निदेशक कृषि  सुरेन्द्र सिंह शेखावत, एसडीओ बीएसएनएल,  संजय मित्तल, इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के एरिया जनरल मैनेजर  आलोक भंडारी, इंडिया पोस्ट के चीफ पोस्ट मैनेजर जनरल रोहित जैन, कॉमन सर्विस सेंटर के रीजनल हेड आशीष पवन सहित अन्य सम्बंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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