कोटा। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर शुक्रवार को कोटा, सवाई माधोपुर, बारां, बूंदी, झालावाड़ सिटी और भरतपुर स्टेशनों पर डिजीटल चित्र प्रदर्शनी लगाई गई। इस प्रदर्शनी में लोगों ने 14 अगस्त को हुए देश बंटवारे की त्रासदी को देखा। प्रदर्शनी में चित्रों के माध्यम से विभाजन के समय लोगों के पलायन को दर्शाया गया है।प्रदर्शनी का अनावरण डीआरएम अनिल कालरा, वरिष्ठ नागरिक अमरजीत सिंह, रघुराज सिंह कर्मयोगी एवं हरभजन सिंह सोहल ने किया।
इस मौके पर डीआरएम ने कहा कि चित्रों के माध्यम से वर्तमान पीढ़ी को विभाजन के दौरान लोगों ने झेली कठिनाइयों का स्मरण कराया गया है। भारत का विभाजन किसी भी विभीषिका से कम नहीं है।
इस अवसर पर डॉ. रघुराज सिंह अपने उद्बोधन में इस भारत विभाजन की विधि सीख पर प्रकाश डाला तथा राष्ट्र प्रेम से ओतप्रोत कविता “आज हम आजाद हैं” प्रस्तुत की।जिसे वहां उपस्थित जन समुदाय ने पसंद किया।
इस कार्यक्रम में सुप्रकाश जी सीनियर डीपीओ, सीनियर डीसीएम सौरभ जैन, सीएमएस रेलवे चिकित्सालय, एडीआरएम कर ललित धुरंधर जी आदी अनेक गणमान्य अधिकारियों के साथ विद्वान रेल कर्मचारी भी शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन राजकुमार के रसिया ने किया तथा वहां की व्यवस्था स्टेशन निदेशक नंदकिशोर मीणा जी देख रहे थे। इस प्रदर्शनी में जो कत्लेआम हुआ वह कितना दर्द छोड़ गया। इस पर चित्रावलियां विवरण सहित दिखाई गई थीं ।जिससे आम जनता को पता चले कि उस बंटवारे में भारतीयों ने कितना दंश, दर्द झेला है। कितनों ने अपने परिवारजनों को खोया है। इस कार्यक्रम साहित्यकार कालीचरण राजपूत भी उपस्थित थे।
बुजुर्गों का किया सम्मान
इस मौके पर कालरा ने शॉल औढ़ाकर और स्मृति चिन्ह एवं श्रीफल भेंट कर वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान किया। इस मौके पर रेलवे स्टेशन देशभक्ति के तरानों से गूंजता रहा। कार्यक्रम में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।









