Friday, August 7, 2026
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श्री हिंदी साहित्य समिति कोटा की 162 वीं मासिक काव्य गोष्ठी संपन्न

कोटा/श्री हिंदी साहित्य समिति कोटा की 162वीं मासिक काव्य गोष्ठी संस्था के महासचिव सुरेंद्र सिंह गौड़ के सौजन्य से डडवाड़ा स्थित उनके आवास पर संपन्न हुई। यह दिन सुरेंद्र सिंह गौड़ के 83वें जन्म दिवस का शुभ अवसर था। इस कार्यक्रम में शहर के प्रसिद्ध विद्वान साहित्यकार काव्य गोष्ठी के साक्षी बने। अतिथियों ने मां सरस्वती का माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। अध्यक्षता, संस्था के अध्यक्ष डॉ रघुराज सिंह कर्मयोगी ने की। मुख्य अतिथि के पद को बाल साहित्य रचनाकार भगवती प्रसाद गौतम ने शोभायमान किया तथा विशिष्ट अतिथि राजस्थान सरकार में पाठ्य पुस्तक मंडल के प्रन्यासी एवं भारतीय जनता पार्टी के जिला प्रवक्ता अरविंद सिसोदिया रहे। सफल संचालन कमलेश कमल ने किया।

भगवती प्रसाद गौतम द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत करने के बाद प्रथम काव्य पाठ दीनानाथ त्रिपाठी ने किया। जो ” सितारों तुम्हारा पूछता हूं” पुस्तक के रचयिता हैं। उन्होंने श्रृंगार रस की कविता प्रस्तुत की-

मोरी पायल तुम्हें पुकारे,मोरा बिछुआ राह निहारे।

आजा पिऊ देर करें क्यों,दिन रात जियरा कूं जारे।

सलीम स्वतंत्र ने कहा –

बुजुर्गों तुम बोझ नहीं इस देश पर।

तुम तो इस देश, धरती और समाज की

अमूल्य धरोहर हो।

अरविंद सिसोदिया –

चुनौती आई है फिर से, पागलपन ने धमकाया है।

अहंकार की आंधी ने,झूठ का परचम लहराया है।

‌‌ डॉ रघुराज सिंह कर्मयोगी –

पवन रे, मेरे बेटे से कहना, मैया तोहि याद करे।

तू तो मेरा हृदय खंड था,तो सों का प्रतिवाद करे।

      डॉ रघुराज सिंह कर्मयोगी, भगवत सिंह मयंक, महेश पंचोली,अरविंद सिसोदिया, सुरेंद्र सिंह गौड़, कालीचरण राजपूत,कमलेश कमल, बिगुल जैन,दीनानाथ त्रिपाठी, रामेश्वर शर्मा, भगवती प्रसाद गौतम, सलीम स्वतंत्र ,खुशीराम सिंह चौधरी, डॉ भूपेंद्र राज ने अलग-अलग रसो में काव्य पाठ किया। जिसने श्रोताओं को खूब गुदगुदाया

 

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