नई दिल्ली 9 मई। पाकिस्तान की संसद में तीखी नोंकझोंक देखने को मिली। पाक मंत्रियों के बीच इस बात पर बहस हुई कि भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच सरकार इस मुद्दे पर कैसे निपट रही है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के दक्षिण क्षेत्र खैबर पख्तूनख्वा के अध्यक्ष और सांसद शाहिद खट्टक ने शुक्रवार को संसद सत्र के दौरान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की आलोचना की और उन्हें भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक भी बयान देने में विफल रहने के लिए कायर कहा। सरकार के रवैये की आलोचना करते हुए सांसद खट्टक ने कहा कि भारत के खिलाफ एक भी बयान नहीं आया।
इमरान की पार्टी के नेता ने कहा कि सीमा पर खड़े पाकिस्तानी सैनिकों को उम्मीद है कि सरकार बहादुरी से लड़ेगी। जब आपका नेता बुजदिल (कायर) हो जो मोदी का नाम तक नहीं ले सकता, तो आप सीमा पर लड़ रहे सैनिक को क्या संदेश दे रहे हैं? यह घटना भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के नए स्तर पर पहुंचने के बाद हुई है, जब सेना ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमलों के जवाब में 7 मई को %ऑपरेशन सिंदूर% के तहत सटीक हमले किए थे। इन हमलों में एक नेपाली नागरिक सहित 26 लोग मारे गए थे। सरकार ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि इस अभियान में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। सैन्य कार्रवाई का लक्ष्य लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद सहित आतंकवादी संगठनों से जुड़े बुनियादी ढांचे को नष्ट करना था।






