Thursday, September 3, 2026
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हमें कभी भी परिस्थितियों में हताश नहीं होना चाहिए – मुनि श्री विभोरसागर जी महाराज

कोटा,7 मई । पुण्योदय अतिशय क्षेत्र नसियां जी दादाबाड़ी कोटा में परम पूज्य आचार्य भगवन 108 श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य गुरूदेव निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज के पावन आशीर्वाद एवं प्रेरणा से आठ दिवसीय पुण्योदय सम्यग्ज्ञान शिक्षण शिविर का चतुर्थ दिवस पर अध्यक्ष जम्बू जैन सर्राफ ने बताया कि नसियां जी में प्रातः काल पूज्य मुनि श्री 108 विभोरसागर जी महाराज श्री के प्रवचन हुए जिसमें उन्होंने बताया की जो होता है अच्छे के लिए होता है अकबर और बीरबल के दृष्टांत को समझाते हुए पूज्य मुनि श्री ने कहा की बीरबल कहता है अकबर से कि जो होता है अच्छे के लिए होता है अकबर का एक बार एक अंगूठा कट जाता है तो बीरबल कहता है जो हुआ अच्छा हुआ भविष्य में एक जंगल में जब भीलों के द्वारा अकबर को पकड़ लिया जाता है बलि चढ़ाने के लिए उसके खंडित अंग को देखकर के उसकी बलि नहीं चढ़ाई जाती है तब अकबर समझ जाता है कि बीरबल का कहना ठीक था, इसलिए हमें कभी भी परिस्थितियों में हताश नहीं होना चाहिए यदि हम अच्छे हैं तो हमारे साथ कभी बुरा नहीं हो सकता है

 

संयोजक धर्मचंद जैन धनोप्या ने बताया कि प्रवचनों के पश्चात सांगानेर से पधारे पंडित श्री पारस जैन शास्त्री ने तत्वार्थ सूत्र की कक्षा में सभी को बताया की नरक, मनुष्य आयु का आस्रव कैसे होता है? तत्वार्थ सूत्र जी में आचार्य श्री से उमास्वामी महाराज ने कहां है कि बहुत आरम्भ बहुत परिग्रह करने से करने से नरक आयु का बंध होता है और अल्प परिग्रह रखने से और सरल स्वभावी होने से मनुष्य आयु का बंध होता है इसलिए हमारे लिए मायाचारी नहीं करनी चाहिए और हमेशा दूसरों का हित करना चाहिए तभी हमें पुनः यह मनुष्य पर्याय प्राप्त हो सकती है।

 

शिविर संयोजिका अर्चना रानी जैन सर्राफ ने बताया कि जहां देव शास्त्र गुरु धर्म, अध्यात्म आध्यात्मिक ज्ञान और भक्ति का अद्भुत संगम से बालबोध भाग (1) एक, बालबोध भाग ( 2) दो, छहढाला (पूर्वार्ध), छहढाला (उत्तरार्द्ध),इष्टोपदेश ग्रंथ,तत्वार्थ सूत्र,प्रश्नोत्तरी रत्नमालिका, आदि ग्रंथों के गहन ज्ञान का महाकुम्भ

“देव-शास्त्र-गुरुवर अहो मम स्वरूप दर्शाय | किया परम उपकार मैं नमन करूँ हर्षाय || जब मैं आता आप ढिंग, निज स्मरण सु आय | निज प्रभुता मुझमें प्रभो! प्रत्यक्ष देय दिखाय “

युगों का पुण्य… जहां है मोक्ष का द्वार, भक्ति और अध्यात्म का अद्भुत महाकुम्भ संगम देखने को मिल रहा है

निदेशक हुकम जैन काका ने बताया आज के अल्पाहार पुण्यार्जक श्रीमति कमलेश जी चक्रेश जी अन्जू जी निलेश जी निधि मयुर कोटिया परिवार ने दीप प्रज्जवन कर महाराज श्री को श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया कार्यकारणी ने पुण्यार्जक परिवार का तिलक माला दुप्पटे पगड़ी पहनाकर कर सम्मान किया बच्चों के लिए रुचिकर डिजिटल क्लासेस के माध्यम से जैन धर्म के बारे में अवगत कराया जा रहा है सभी साधर्मीजन बड़े ही इंटरेस्ट के साथ शिविर में भाग ले रहे हैं और धर्म के बारे में समझ रहे हैं शिविर को लेकर सभी लोग बड़े ही उत्साहित हैं। पुण्योंदय क्षेत्र कमेटी के निरन्तर स्व हित और परोपकारी कार्यो मे अग्रसर है,जिसकी मुनि श्री और विद्वानो ने सराहना की

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