महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा किराज्य सरकार ने नागपुर के भोसले वंश के संस्थापक और मराठा साम्राज्य के प्रमुख सेनानायक रहे रघुजी भोसले की ऐतिहासिक तलवार लंदन से नीलामी के ज़रिए खरीद ली है। अब यह ऐतिहासिक धरोहर महाराष्ट्र वापस आ रही है। फडणवीस ने जानकारी दी कि यह तलवार मराठा शैली की ‘फिरंग’ तलवार है, जो एक धार वाले ब्लेड और सुनहरी नक्काशी के लिए जानी जाती है। यह तलवार यूरोपीय ब्लेड से बनी है, जो उस समय काफी प्रचलित थे। तलवार के पिछले हिस्से में ‘श्रीमंत रघुजी भोसले सेनासाहिबसुभा’ सुनहरी अक्षरों में लिखा हुआ है।
उन्होंने बताया कि रघुजी भोसले छत्रपति शाहू महाराज के शासनकाल में मराठा सेना के एक महत्वपूर्ण सेनानायक थे। युद्ध नीति और पराक्रम से प्रसन्न होकर शाहू महाराज ने उन्हें ‘सेनासाहिबसुभा’ की उपाधि दी थी। रघुजी भोसले ने 1740 के दशक में बंगाल के नवाबों के खिलाफ अभियान चलाया और मराठा साम्राज्य को बंगाल और ओडिशा तक विस्तार दिया। दक्षिण भारत में भी उन्होंने सैन्य और राजनीतिक प्रभुत्व स्थापित किया। फडणवीस ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार, सांस्कृतिक कार्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और उनके कार्यालय में कार्यरत विकास खड़गे ने इस काम को तेजी से पूरा किया। तकनीकी बाधाओं के चलते यह खरीद एक बिचौलिए के माध्यम से की गई है। तलवार की कीमत ₹47.15 लाख है, जो राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि विशेषज्ञों का मानना है कि यह तलवार 1817 में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा नागपुर के भोसले खजाने की लूट के दौरान ले जाई गई थी।






