कोटा। राजस्थान सरकार एक और अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं के नाम पर अधिस्वीकृत पत्रकारों को तोहफे बांट रही है मेडिकल और अन्य सुविधाएं दी जा रही है तो साथ ही गैर स्वीकृत पत्रकारों के लिए किसी भी प्रकार की सुविधा मुहैया नहीं करवाई जा रही है स्थानीय जिला प्रशासन की बात करें तो उन्हें किसी प्रकार की सुविधा की जानकारी ही नहीं है। प्रिंट इलेक्ट्रानिक और सोशल मीडिया का कार्य करने वाले पत्रकारों के लिए सरकार ने विशेष कमेटी का गठन करके विभिन्न सुविधाओं का विस्तार किया है किंतु स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के चलते सूचना केंद्र द्वारा मीडिया कर्मियों को सुविधाओं का लाभ ना देना संदेह का विषय प्रतीत होता है।
पत्रकार प्रेस परिषद के कोटा संभाग अध्यक्ष जीएस भारती ने बताया कि गैर अधिस्वीकृत पत्रकार खुद को अकेला ना समझे उनके लिए आवाज उठाना हमारा धर्म है। स्थानीय स्तर पर प्रशासन द्वारा सभी प्रकार की सुविधाएं पत्रकारों को मिलनी चाहिए उन सभी को दिलाकर रहेंगे इसके लिए चाहे अब हमें आंदोलन ही क्यों ना करना पड़े। आगामी एक अभियान चलाकर सभी पत्रकारों के सुझाव आमंत्रित करके एक कमेटी का गठन किया जाएगा और उसके माध्यम से पत्रकार को राहत प्रदान की जाने का कार्य प्रगति पर बढ़ेगा ऐसे में सभी पत्रकारों मीडिया से भी आग्रह है कि मीडिया के हितों में कार्य करने के लिए अग्रणी रहे और सक्रिय रूप से किसी भी प्रकार की समीक्षा बैठकों में आयोजित कार्यशाला में शामिल रहे। कोटा संभाग पत्रकार प्रेस परिषद के समर्थन में ऑल इंडिया मीडिया एसोसिएशन और मीडिया काउंसिल ऑफ जर्नलिस्ट राजस्थान सहित अन्य पत्रकार संगठनों का समर्थन मिला हैं।






