पुनर प्रक्षेपण यान…….
नित नई खोज कर रहा, अब भारत का विज्ञान ।
इसी धरा पर बन रहे, सारे लॉन्चिंग यान।।
सारे लॉन्चिंग यान, रॉकेट छोड़ रहे देशी विदेशी ।
वर्षों से काम रहा यह, है इसमें बात विशेषी ।
अन्वेषण के दम पर, अब विद्या गई चरम पर ।
भारत विज्ञानी हुंकार भरते हैं निज दम पर ।।
भरते हैं निज दम पर, नई तकनीक खोज लाए हैं ।
अपने ही लांचर को, वापस पृथ्वी पर लाए हैं ।।
बना लिया है लांचर, ऐसा इसरो बोल रहा है ।
हिंदुस्तानी तकनीक से, ब्रह्मांड ही डोल रहा है ।।
ब्रह्मांड ही डोल रहा है,ऐसा विश्व दृष्टि में भारत ।
नित्य नए-नए आयाम, परोस रहा है भारत ।।
एक नया अध्याय जोड़ दिया, भारत ने लांचर में ।
बार-बार उपयोग करेंगे, नई तकनीक जोड़ लांचर में ।।
नई तकनीक जोड़ लांचर में, संपदा बचे भारत की ।
बचाएं धन तकनीक के द्वारा, कदर बड़े भारत की ।।
के. सी. राजपूत, कोटा।






