सत्यवती और शांतनु….
हस्तिनापुर महाराज शांतनु, धवलपुर आए भाई ।
केवट राज की पुत्री, मन से कुरुपुत्र को भाई ।।
बोले सत्यवती से राजा, बनना चाहोगी महारानी ।
बनोगी भार्या शांतनु की, तुम्हारा कोई न होगा सानी ।।
राज करोगी महलों में, नाम भी होगा ऊंचा ।
प्रेम वृक्ष परवान चढ़ेगा, जो आज है हमने सींचा ।
मैं तो एक अवला नारी हूं, जनक ही देंगे जवाब ।
यदि स्वीकृति मिलेगी उनकी, तो प्यार में होगा शबाब ।।
केवट बोले हे राजन ! एक मात्र वचन है मेरा ।
शासक वही बनेगा, सत्यवती सुत होगा तेरा।।
निषाद ! मुझे मंजूर नहीं, देवव्रत ही होगा राजा ।
ध्यान लगाकर सुनलो, यह मेरा हुक्म है ताजा ।।
देवव्रत ही उत्तराधिकारी, वह ही बनेगा राजा ।
वही मेरा प्रथम पुत्र है, और यही विचार है ताजा ।।
✍️कालीचरण राजपूत
सत्यवती और शांतनु….-कालीचरण राजपूत






