Monday, April 20, 2026
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राजस्थान दिवस पर लोकेश आजाद की पुस्तक आजाद वतन कर जाएंगे का भव्य विमोचन …

 

31 मार्च2025 “हाड़ीराणी राजस्थानी भाषा साहित्य सिरजण अर संस्कृति मंच” रोटेदा बूँदी ,राजस्थानी भाषा सिरजण मंच टाकरवाड़ा,बूढादीत कोटा शाखा रोटेदा,अखिल भारतीय साहित्य परिषद कापरेन ,मानसरोवर साहित्य अकादमी ,राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आज संस्कार कॉलेज कापरेन में राजस्थान दिवस एवं नव संवत्सर के अवसर पर क्षेत्रीय कवि लोकेश कुमार मीणा “आजाद” निवासी अरड़ाना की स्वरचित कृति आजाद वतन कर जाएंगे का भव्य कार्यक्रम सम्पन्न हुआ । इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री चंदालाल चकवाला जी साहित्य अकादमी नई दिल्ली सदस्य ,अध्यक्षता श्री सी एल साँखला जी केंद्रीय साहित्य अकादमी के सर्वोच्च बाल साहित्य पुरस्कार से सम्मानित ,विशिष्ट अतिथि श्री राधेश्याम श्रृंगी जी संजय बाल विद्या निकेतन संस्थापक रहें । कार्यक्रम के संयोजक राजस्थानी भाषा के जाने माने रचनाकार देवकी दर्पण ने कहा युवाओं मे चिंतन और नव जाग्रति का संचार है आजाद वतन कर जाएंगे पुस्तक। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया गया।इस अवसर पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद कापरेन के अध्यक्ष श्री सत्यप्रकाश गौतम,सचिव श्री मनीष मेहरा ,महामंत्री श्री लोकेश आजाद कार्यक्रम संयोजक श्री देवकी दर्पण द्वारा वरिष्ठ साहित्यकार श्री सी एल साँखला को राजस्थान साहित्य अकादमी उदयपुर से विशिष्ट साहित्यकार सम्मान- पुरस्कार हेतु हाडीराणी राजस्थानी भाषा साहित्य सिरजण अर संस्कृति मंच द्वारा साॅल साफा सम्मान पत्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर अभिनन्दन किया गया ।श्री चंदालाल चकवाला और श्री राधेश्याम श्रंगी को पगड़ी एवं संस्था का प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया । मुख्य अतिथि के रूप में श्री चंदालाल चकवाला ने कहा कि ग्रामीण अंचल के रचनाकारों को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। अध्यक्षीय भाषण में सी एल सांखला ने कहा कि सृजन मनुष्य की आंतरिक पहचान कराता है और संस्कारित भी करता है। खाशकर मायड़ भाषा का सृजन संस्कृति की संरक्षण करता है।

“आजाद वतन कर जाएंगे” पुस्तक पर मुख्य वक्ता के रूप में श्री आर सी आदित्य ने प्रकाश डाला।लोकार्पण कार्यक्रम में पधारे सभी वरिष्ठ साहित्यकारों ने अपने अपने बधाई संदेश व्यक्त करते हुए इसे राष्ट्र प्रेम एवं नव चेतना की जागृति लाने वाली पुस्तक बताया एवं युवाओं को इसे पढ़ने हेतु आवश्यक माना ।

कृतिकार श्री लोकेश कुमार मीणा “आजाद” ने अपनी पुस्तक के बारें में बोलते हुए कहा कि मुझे इस पुस्तक की प्रेरणा मानसरोवर साहित्य अकादमी,राजस्थान के संस्थापक श्री मानसिंह सुथार जी से मिली । अपनी साहित्यिक यात्रा 1998 में शुरु करने वाले लोकेश आजाद ने कहा कि भारत के अमर क्रांतिकारी श्री चंद्रशेखर आजाद मेरे प्रेरणा स्रोत रहें है जिन्हें मै अपना आदर्श मानता हूँ । बचपन से पाठशाला में सुनी रचनाओं से साहित्य के प्रति रुचि पैदा हुई तथा देशप्रेम की भावनाओं को कूट कूट कर भर दिया । देश के वर्तमान हालात से लेकर भारत अमर वीर महाराणा प्रताप ,चंद्रशेखर आजाद, भगतसिंह,सुभाषचन्द्र बोस,महात्मा गांधी जैसे स्वतंत्रता सेनानियों, पर भी इस पुस्तक में रचनाएँ है । सम्पूर्ण काव्य संग्रह में 51 देशभक्ति से ओतप्रोत रचनाएँ है ।

राजस्थान दिवस एवं नव संवत्सर पर विशेष राजस्थानी भाषा काव्यगोष्ठी का भी आयोजन रखा गया जिसमें सभी ने एक से बढकर एक काव्यपाठ करने वालों में जाने माने कवि श्री जसराज जी सलोना ,श्री महावीर जी मालव ,श्री रामस्वरूप जी रावत,श्री मनोज सोनी ,श्री मनीष जी मेहरा ,श्री मुकेश जी गौतम ,श्री सत्यप्रकाश गौतम जी, श्री पप्पू जी मेघ ,श्री रघुवीर सिंह ,श्री राजेंद्र कुमार गोस्वामी, श्री पुष्कर जी चौधरी ,नव कलमकार हनुमान बाथरा ,श्री दिनेश जी गौतम के साथ मुख्य वक्ता ओज रस के सशक्त कवि आर सी आदित्य ,श्री सी एल साँखला जी , चंदालाल चकवाला, देवकी दर्पण आदि शामिल रहें । कार्यक्रम का कुशल संचालन देवकी दर्पण द्वारा किया गया ।  अंत में श्री लोकेश कुमार आजाद द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।

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