विश्व रंगमंच दिवस की संध्या पर हाड़ौती नाटक ‘जै हो थाँकी’ नाटक का मंचन मां भारती इंटरनेशनल कॉलेज परिसर में हुआ, अभिनेता साहित्यकार राम शर्मा काप्रेन ने बताया कि विजयदान देथा जिन्हें बिज्जी के नाम से भी जाना जाता था राजस्थान के विख्यात लेखक और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित व्यक्ति थे। उनकी कहानी हाथी-कांड’ पर आधारित यह नाटक है, द ज्याग संस्था की और से नाटक का मंचन किया गया, कापरेन के राम शर्मा द्वारा लिखित नाटक का निर्देशन अश्वत्थामा दाधीच ने किया। प्रारंभ में अध्यक्ष डॉक्टर गिरी ‘गिरिवर’, मुख्य अतिथि शिक्षाविद दिनेश विजय, पार्षद सुनील गौतम व राघवेन्द्र कला संस्थान के अध्यक्ष भुवनेश जोशी ने पूजन किया।विजय मैथुल, संतोष जैन समेत अन्य कलाकारों ने भागीदारी निभाई। संचालन डॉ. उदय मणि कौशिक ने किया। कलाकारों ने वर्तमान हालात पर तंज कसते हुए बताया कि आज के दौर में सच को झूठ और झूठ को सच करने का खेल चल रहा है। चूहे को इस तरह से हाथी बताया जाता है कि लोग उसे ही सच मानने पर विवश हो जाएं। कलाकारों ने राजनेताओं की दोहरे मापदंडों पर कटाक्ष भी किए।
निर्देशन व संगीत अश्वत्थामा दाधीच, परिकल्पना- धांसू अनू सिंह धाकड़ व कलाकार – धांसू अनू सिंह धाकड़, विजय मैथुल, दीपक गोतम, राम शर्मा काप्रेन, हेमराज कछावा, डाँक्टर शिव लहरी, इंदु गोतम, हिमानी शर्मा, कपिल गोतम, संतोष जैन, रूप नारायण शर्मा संजय’, बंटी सुमन, शरीफ नादान रहे






