बांरा/शाहबाद जंगल हमारे प्राण है, वहां की सुंदर घाटियां और औषधीय गुणों वाले पेड़ हम सभी लोगों के लिए लाभदायक हैं। एक छोटे से विकास के लिए विश्व भर के पर्यावरण को प्रभावित नहीं होने देंगे।शाहबाद का जंगल सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने खुद ने स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की है। बहुत जल्द सकारात्मक परिणाम हमारे सामने आ जाएंगे। ये विचार बारां झालावाड़ संसदीय क्षेत्र के सांसद दुष्यंत सिंह ने भारतीय जनता पार्टी द्वारा भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पर आयोजित होली मिलन समारोह के दौरान शाहबाद घाटी संरक्षण संघर्ष समिति बारां द्वारा शाहबाद जंगल बचाओ आंदोलन के चलते सांसद दुष्यंत सिंह को दिए गए ज्ञापन के दौरान समिति के सदस्यों के बीच व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि वे अपने स्तर पर स्वयं भी पर्यावरण और वन्य जीव प्रेमी हैं। मेरे सोशल मीडिया अकाउंट स्वयं इस बात के प्रमाण हैं। शाहबाद जंगल में प्रस्तावित चीता कॉरिडोर और वहां पर पाए जाने वाले वन्य जीवों के आवास के मद्दे नजर वे इस जंगल को बचाने में मदद करेंगे।
शाहबाद घाटी संरक्षण संघर्ष समिति बारां के संयोजक भानु गुप्ता, मुकेश सोनी, शशांक नंदवाना, पराग वारा, लोकेश सेन, अजय सिंह तंबोली, गणेश लोधा और अन्य सदस्यों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि शाहबाद क्षेत्र के विकास के लिए वहां चीता और भालू को बसा कर पर्यटन को बढ़ावा देंगे। क्षेत्र में जल की कमी को पूरा करने के लिए वहां कूनो नदी पर बांध बनाए जाने की योजना है। वे पूरी तरह से इस आंदोलन में शाहबाद घाटी संरक्षण संघर्ष समिति के साथ खड़े हैं और इस जंगल को किसी भी हाल में नहीं कटने दिया जाएगा। लगभग 10 से 15 मिनिट तक चली बातचीत में उन्होंने एक और बार समिति से मीटिंग करने का आश्वासन दिया।

भाजपा के वरिष्ठ नेता चन्द्र प्रकाश विजय, नन्दलाल सुमन, जिलाध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार, रामस्वरूप यादव इत्यादि नेतृत्वकर्ताओं की मौजूदगी में बारां अटरु विधानसभा क्षेत्र से विधायक राधेश्याम बैरवा को भी इस बारे में समिति सदस्यों द्वारा ज्ञापन सौंपा गया।







