: प्रयागराज महाकुंभ के दौरान आनंदलोक अस्पताल, कोलकाता की मोबाइल चिकित्सा इकाई में नेत्र रोगियों की जाँच करते हुए कोटा के नेत्र सर्जन डॉ. सुरेश पाण्डेय।
प्रयागराज। पवित्र संगम नगरी प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के दौरान सुवि नेत्र चिकित्सालय, कोटा के प्रसिद्ध नेत्र सर्जन डॉ. सुरेश पाण्डेय ने अपनी मानवता की मिसाल पेश की। उन्होंने न केवल संगम तट पर स्नान कर महाकुंभ के भव्य आयोजन का हिस्सा बने, बल्कि 27 और 28 जनवरी को नेत्र महाकुंभ के तहत 300 से अधिक नेत्र रोगियों को निःशुल्क परामर्श और उपचार प्रदान किया। इन नेत्र रोगियों में देश के विभिन्न कोनों से आए श्रद्धालु, उनके परिजन और संत महात्मा आदि शामिल थे। डॉ. सुरेश पाण्डेय ने जरूरतमंदों को निःशुल्क आई ड्राॅप्स वितरित की और कई मरीजों को उनके नेत्र समस्याओं का समाधान प्रदान किया। इस नेक कार्य में श्री मनीष दुबे और सुवि नेत्र चिकित्सालय कोटा के श्री गोविन्द शर्मा ने उनका सहयोग किया।
डॉ. पाण्डेय ने बताया कि प्रयागराज महाकुंभ के दौरान नेत्र महाकुंभ का भी आयोजन रखा गया था। जिसमें देशभर से आये अनेकों नेत्र चिकित्सकों द्वारा श्रृद्धालुओं एवं संत महात्माओं को निःशुल्क परामर्श दिया जा रहा है। परामर्श लेने आए अधिकांश रोगियों में नेत्र एलर्जी, दृष्टि दोष, ड्राई आई, और मोतियाबिंद जैसी समस्याएं देखी गईं। दृष्टि दोष से पीड़ित रोगियों का उपचार चश्मे के माध्यम से किया गया, जबकि नेत्र एलर्जी और ड्राई आई जैसी समस्याओं के लिए निःशुल्क आई ड्रॉप प्रदान की गईं। डाॅ. पाण्डेय ने महाकुम्भ परिसर में आनंदलोक अस्पताल, कोलकाता द्वारा संचालित रमेश गोयल सेवा संस्थान की मोबाइल चिकित्सा इकाई का भी उपयोग किया गया, जिसमें अत्याधुनिक सुविधाओं के माध्यम से नेत्र रोगियों का परामर्श और उपचार किया गया।
प्रयागराज महाकुंभ में डॉ. सुरेश पाण्डेय ने कुंभ में स्वामी कैलाश आनन्द गिरी महाराज, पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण से भी मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने अपनी चर्चित पुस्तक ‘एक आई सर्जन की डायरी’ भेंट की, जिसे इन महान विभूतियों ने सराहा। प्रयागराज महाकुंभ के दौरान डॉ. सुरेश पाण्डेय और उनकी टीम ने अनेकों साधु महात्माओं एवं नागा साधुओं के दर्शन किया एवं उनसे आशीर्वाद लिया व पीड़ित साधुओं का निःशुल्क नेत्र उपचार किया। नेत्र महाकुंभ के दौरान देशभर से आए नेत्र चिकित्सक भी हजारों रोगियों का निःशुल्क उपचार कर रहे हैं, जो इस आयोजन की भव्यता और समर्पण को और बढ़ाता है।






