कोटा परिवहन विभाग, पुलिस विभाग, कोटा सड़क सुरक्षा समिति एवं विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से पिछले एक माह से लगातार पोस्टर, बैनर, नुक्कड़ नाटक, गोष्टी, जनजागृति अभियान, रैली, रक्तदान शिविर व अन्य माध्यम से लोगों को सुरक्षित यातायात की जानकारी दी गई, उन्हें मोटिवेट किया गया साथ ही सड़क दुर्घटना के कारणों से अवगत कराया जा रहा है। इन सभी इवेंट के फोटो वीडियों की दो दिवसीय प्रदर्शनी छत्रपुरा स्थित पुराने आरटीओ कार्यालय में आयोजित की गई जिसका समापन गुरूवार को हुआ। कोटा सडक सुरक्षा समिति के सह सचिव भुवनेश गुप्ता ने बताया कि कार्यक्रम के अतिथि पुलिस उपाधीक्षक अशोक मीणा थे। इस अवसर पर मीणा ने सम्बोधित करते हुए कहा कि दुर्घटना में समय पर उपचार नहीं मिलने पर 35 प्रतिशत तक मौत हो जाती है। जिसमे उचित समय पर उपचार हेतु अस्पताल तक नहीं पहुँचना एक बड़ा कारण है । सरकार की योजना के तहत अस्पताल में भी दो लाख तक का उपचार बिना किसी पूछताश के साथ दिन तक होगा । उन्होंने कहा कि गुड सेनेरिटन के तहत घायल को अस्पताल पहुंचाने और उपचार कराने वाले को सरकार 10 हजार रुपए देगी। पुलिस भी उससे ज्यादा पूछताछ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि स्वविवेक से ही लोग सड़क हादसों को कम कर सकते हैं। प्रादेशिक परिवहन अधिकारी मनीष शर्मा ने कहा कि हमे छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना चाहिए। हमे हमेशा टर्न करते समय इंडिकेटर देना चाहिए, वाहनों को पूरी तरह से कम्पलीट रखना चाहिए। मां भारती जन कल्याण ट्रस्ट के उपाध्यक्ष दिनेश विजय ने कहा कि सड़क के संस्कृति को हमे समझना होगा तभी दुर्घटनाओं में कमी आएगी।फरवरी में एक अभियान के अंतर्गत ऑटो रिक्शा चालकों से समझाइश की जाएगी । इसमें ओवरक्राउडिंग को खत्म करना है । युवाओं को शिक्षा के साथ यातायात नियमों की जानकारी भी कॉलेज व स्कूल स्तर पर देनी चाहिए। सह सचिव भुवनेश गुप्ता ने कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से कई प्रोजेक्ट के माध्यम से जागरुकता का प्रयास किया गया ।कोटा सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र अग्रवाल ने कहा कि दुर्घटना से देर भली होती है, धेर्य रखेंगे तो दुर्घटना से बचा जा सकता है। इस अवसर पर इंस्पेक्टर देवेन्द्र जोशी, डीटीओ सुरेन्द्र सिंह राजपुरोहित, दिनेश विजय , धीरेंद्र जोशी, तनू जोशी, जगदीश गांधी , मोहनजीत सिंह , शफ़ाक़त गौरी , शादमान, महेंद्र विजय ने भी सम्बोधित करते हुए यातायात के नियमों का पालन करना चाहिए और सजगता के साथ वाहन चलाना चाहिए। रात और अल सुबह के समय अनावश्यक गाडी नहीं चलानी चाहिए, यह समय नींद का होता है और एक झपकी कई लोगों की मौत का कारण बन सकती है। ऐसे में वाहन को सुरक्षित खडा कर दूसरे दिन जब नींद पूरी हो जाए तब गाडी चलानी चाहिए। इस तरह की प्रदर्शनी शीघ्र ही कला दीर्घा में लगाई जाएगी जिससे शहर की प्रमुख संस्थाओं को जोडा जाएगा। उपाध्यक्ष दिनेश विजय ने बताया कि परवाह थीम पर आयोजित प्रदर्शनी के माध्यम से घर परिवार की परवाह किए जाने, जीवन की परवाह करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि हमे भारी वाहनों का भी सम्मान करना चाहिए, उन्हें अनावश्यक हॉर्न नहीं देना चाहिए और संयम के साथ ओवरटेक करना चाहिए।






