राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिरकण के तत्वाधान में प्रतिवर्श सम्पूर्ण राष्ट्र में आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत का आज कोटा जिले मे भी आयोजन किया जावेगा। अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला एवं सैशन न्यायाधीश कोटा सत्यनारायण व्यास के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अदालत परिसर कोटा तथा तालुका स्तर पर रामगंजमंडी, सांगोद, दीगोद, इटावा एवं कनवास में वर्श 2024 की इस अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रकरणों का निस्तारण ऑफलाईन के साथ-साथ ऑनलाईन माध्यम से भी किया जावेगा।
उक्त लोक अदालत में प्रि-लिटिगेशन के बैंक विवाद (ऋण वसूली से संबंधित), बी.एस.एन.एल, बिजली, पानी एवं अन्य बिल भुगतान से संबंधित प्रकरण, राजस्व विवाद, उपभोक्ता विवाद, किसी नागरिक एवं सरकार या उसके किसी विभाग/उपक्रम के मध्य लम्बित सभी प्रकार के प्रकरण, राजीनामा योग्य फौजदारी प्रकरण, धारा 138 परक्राम्य विलेख अधिनियम के प्रकरण, धन वसूली के सभी प्रकार के प्रकरण (दीवानी वाद/इजराय/आर्बिटेशन अवार्ड की इजराय), सभी प्रकार के अन्य सिविल मामले, पारिवारिक विवाद (तलाक को छोड़कर), भरण पोशण संबंधी, वाणिज्यिक विवाद संबंधी, जन उपयोगी सेवाओ संबंधी, उपभोक्ता एवं विक्रेता/सेवा प्रदाता के मध्य के विवाद से संबंधित प्रकरणों एवं अन्य राजीनामा योग्य ऐसे मामले जो अन्य न्यायाधिकरणों/आयोगो/मंचो/अथॉरिटी/प्राधिकारियों के समक्ष लम्बित है, आदि का निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से किया जावेगा।
राश्ट्रीय लोक अदालत हेतु कोटा मुख्यालय पर 10 बैंचों तथा तालुकाओं में 05 बैंचों का गठन किया गया है। इस राष्ट्रीय लोक अदालत मे कोटा न्याय क्षेत्र के विभिन्न न्यायालयों में लम्बित लगभग 30,450 प्रकरण एवं प्री-लिटीगेशन के लगभग 11,210 प्रकरण निस्तारण हेतु रखे गये है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय लोक अदालत के द्वारा त्वरित व सुलभ न्याय मिलने के साथ-साथ प्रकरण का अन्तिम रूप से निपटारा किया जाता है और निर्णित प्रकरणों में पारित आदेशों के विरूद्ध अपील नहीं होती है साथ ही सिविल मामलों का निस्तारण होने पर कोर्ट फीस लौटाने का प्रावधान भी होता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती गीता चौधरी द्वारा बताया गया कि
’’लोक अदालत का नारा
ना कोई जीता ना कोई हारा,
मामले का अंतिम निपटारा
निपटे मुकदमा तो बडे भाई चारा
जिससे खुशहाल हो प्रदेश हमारा’’






