कोटा की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और लोक प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से
कोटा महोत्सव का उपखण्ड स्तरीय शुभारंभ रामगंजमंडी • से होगा।इस महोत्सव में स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला के प्रदर्शन का सुनहरा अवसर मिलेगा। ख्यातनाम लोक – कलाकारों की भी प्रस्तुतियां होंगी। उपखंड स्तरीय विजेता कलाकार • जिला स्तरीय – कार्यक्रम में 25 दिसम्बर को प्रस्तुतियां देंगे। उपखंड अधिकारी रामगंजमंडी नीता वसीटा ने बताया कि कोटा महोत्सव के दौरान कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम का आयोजन गोवर्धनपुरा माताजी मंदिर प्रांगण में होगा। महोत्सव सायं 4 से 8 बजे तक चलेगा। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “लोकल टैलेंट हंट” रहेगा जिसमें स्थानीय लोक कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
नॉर्थ जोन कल्चरल सेंटर के कलाकारों द्वारा विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसके अलावा त्रिनेत्र कत्थक अकादमी के कलाकार कत्थक नृत्य की मोहक प्रस्तुति देंगे एवं कार्यक्रम में आतिशबाजी का आयोजन भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उपखंड स्तरीय विजेता कलाकार जिला स्तरीय कार्यक्रम में 25 दिसम्बर को प्रातः 11 बजे चम्बल रिवर फ्रंट के शौर्य घाट पर प्रस्तुतियां देंगे। उपखंड अधिकारी रामगंजमंडी ने समस्त कोटा वासियों से अपील की है कि वे इस गौरवमयी उत्सव का हिस्सा बनें और इसे भव्य बनाने में योगदान दें। उन्होंने कहा कि कोटा महोत्सव न केवल स्थानीय कलाकारों को मंच देगा बल्कि हाड़ौती की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का भी कार्य करेगा।। कोटा महोत्सव का आयोजन 23 से 25 दिसम्बर तक शहर के विभिन्न ऐतिहासिक एवं दर्शनीय स्थलों पर किया जा रहा है।
इसका एक खास आकर्षण रहेगा “अमृता हाट” जो 29 दिसम्बर तक चलेगा।इसमें प्रदेशभर से महिला समूहों की दुकानें आएंगी जहां विभिन्न तरह के उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया जाएगा जिनमें अलवर का टैराकोटा, बीकानेर के नमदे, मंगोडी, पापड़ जुतियां, कोटा डोरिया आदि प्रमुख हैं। साथ ही प्रतिदिन सांय सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे मिस अमृता, घूमर, कालबेलियां नृत्य, कवि सम्मेलन, फैशन शौ आदि भी किये जाएंगे। अमृता हाट
मेला समिति की बैठक का आयोजन अतिरिक्त संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में किया गया। उन्होंने बताया कि अमृता हाट मेला 23 से 29 दिसम्बर तक ‘कोटा महोत्सव’ के साथ चम्बल रिवरफ्रंट (पश्चिम घाट) में आयोजित किया जाएगा।
मेले में सामान क्रय करने वाले ग्राहकों को 500 रुपये की खरीद पर एक-एक कूपन दिया जाएगा जिसका ड्रॉ प्रतिदिन रात्रि 8 बजे खोला जाएगा। इसमें 3 विजेताओं को चांदी के सिक्के पुरस्कार स्वरूप प्रदान किये जाएंगे। मेले में 70 स्टॉल लगाई जाएंगी जिसमें राजस्थान के सभी जिलों के स्वयं सहायता समूहों द्वारा हस्तनिर्मित सामान उपलब्ध होंगे।







