चंबल मैया तोहि पूजूं
डॉ.रघुराज सिंह कर्मयोगी
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चंबल मैया तोहि पूजूं,तेरी आरती उतारुं,मारुं धोक जी।
अमृत सा जल मिलता,म्हारा बच्चा बच्ची पलता,मारुं धोक जी।
निर्मल सी शीतल धारा है,कल कल बहती,संकट झारे।
ममता बरसै हाड़ौती में,तुम से,कबहुं न होत उबारे।
बैराज बना है तट पर,इठलाता है डटकर,मारुं धोक जी।
राणा प्रताप सागर,जवाहर,मुकंदरा में नाहर मारु धॊक जी।
कोटा में सात अजूबे केवल,शिक्षा नगरी कहलाता।
सस्ती बिजली, सस्ता पानी,सस्ता श्रम मिल जाता।
यूरिया डीसीएम बनाती,तेरी कृपा पाती,मारुं धोक जी।
खेतों से सरगम फूटे,कोयल गीत सुनाती मीठे, मारुं
धोक जी।
जनापाव में तेरा उद्गम,पिता,विंध्याचल पर्वतमाला।
चर्मन्यवती है नाम तिहारौ,राजा रंतिदेव प्रतिपाला।
जमुना तेरी बहना,गलवैंयां कर मिलना,मारुं धोक जी।
हैंगिंग ब्रिज है तेरी शान, थर्मल बिजली घर दिनमान,मारुं
धोक जी
चंबल रिवर फ्रंट पर,मूरत तेरी,शोभित है मनभावन।
पद प्रक्षालन करती माता,केशव नगरी पाटन पावन।
बिरला जी सिरमौर,तू सबको देती कौर,मारुं धोक जी।
गैपरनाथ पवित्र धाम,गरड़िया शिव मंदिर सुखधाम,मारुं
धोक जी।
हाड़ौती के राजभवन मिल,तेरी महिमा गाइ अघाते।
खेत और खलियान फूलते,दूध के झरने रोज बहाते।
तेरे से खुशहाली,झूमै पत्ता पत्ता डाली, मारुं धोक जी।
माता तू बड़े दिल वाली,सबका मंगल करने वाली,मारुं
धोक जी
शांति, धारीवाल की झोली भर दी,अपने वरदानों से।
ऑक्सीजन पार्क प्रजा के हित में,चमके अरमानों से।
तप किया महर्षि कन्न,पग पाड़े सरवन्न,मारुं धोक जी।
देती चार धाम का पुन्न,होता जन जन जीवन धन्न, मारुं
धोक जी।
पता- 1059/B, 3rd एवेनयू ,
आदर्श कॉलोनी, डडवाड़ा,
कोटा जं. 324002






