विभागाध्यक्ष उमापति दीक्षित के आवास पर प्रवास काव्य गोष्ठी संपन्न हुई, गोष्ठी का शुभारंभ बून्दी राजस्थान के कवि देवकी दर्पण की सरस्वती वन्दना “आवो ना माँ सुरताल भरो झन्कार गले मे उतारो ना माँ…..। से हुआ। प्रख्यात कवि शिवदान जोलावास ने कायरता मुझको रास नही मैं गीत विजय के गाता हूँ…।महाराणा प्रताप के शोर्य पर ओजपूर्ण रचना पढ़ी। प्रखर कवि विष्णु शर्मा हरिहर ने समसामयिक मुक्तक के साथ बाप बेटे के होते असंवेदनशील रिस्तो पर मार्मिक रचना पाठ किया। वरिष्ठ कवि योगीराज योगी ने माँ की ममता पर अत्यन्त मार्मिक और प्रभावी काव्य पाठ किया।आदित्य गुप्त ने समसामयिक काव्य पाठ से अपना प्रभाव छोड़ा। मूर्धन्य साहित्यकार ऊमापति दीक्षित नै तलवार और काशी विश्वनाथ पर बैजोड़ काव्य पाठ से सभी का मन जीत लिया देवकी दर्पण ने बेटी की भूमिका को महत्व देते हुये भ्रूण हत्या जेसे पाप को रोकने का संदेश दिया। गोष्ठी की अध्यक्षता उमापति दीक्षित ने की।मुख्य अतिथि आदित्य गुप्त और विशिष्ट अतिथि विष्णु शर्मा हरिहर रहे।काव्य गोष्ठी का संचालन शिवदान सिंह जोलावास ने किया तो योगीराज योगी ने आभार प्रकट किया।
काव्य गोष्ठी सम्पन्न






