Monday, April 27, 2026
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ऐतिहासिक उद्घाटन बन गया कोटा दशहरा मेला उदघाटन

मेला दशहरा 2024 का गुरुवार को ध्वजारोहण के साथ भव्य आगाज हुआ। मुख्य अतिथि लोक सभा स्पीकर ओम बिरला ने मेले के उदघाटन की औपचारिक घोषणा की। इस दौरान आसमान में गुब्बारे छोड़े गए। इसके बाद रामलीला का भी शुभारंभ हुआ। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, विधायक संदीप शर्मा, कल्पना देवी, मेला समिति अध्यक्ष विवेक राजवंशी, तथा महापौर राजीव भारती भी उपस्थित रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए ओम बिरला ने कहा कि मां दुर्गा के विविध स्वरूप की पूजा अर्चना करने से जो शक्ति प्राप्त होती है। वह जन-जन के कल्याण के काम आए। मां के पूजन से समृद्धि और खुशहाली आती है। मां दयालु होती है। वह पापी का नाश करने के लिए दुर्गा का स्वरूप भी धारण कर लेती है। नवरात्रि भी इसी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने का अवसर है। यह आत्म शुद्धि और आत्म चिंतन का अवसर प्रदान करता है। धर्म के मार्ग पर चलते हुए सत्य के मार्ग पर चलते हुए जीवन की चुनौतियों से निपटने का अवसर हमको प्राप्त होता है।

उन्होंने कहा कि राज परिवारों द्वारा कई वर्षों पहले संस्कृति के पर्व मेले शुरू किए गए थे। मेले की परंपरा में व्यापार करने वाले व्यापारी मेलों के माध्यम से आर्थिक संबल प्राप्त करते हैं। यह मेले आत्मनिर्भर भारत का मॉडल है। आज हमें गर्व है कि हमारा मेला राष्ट्रीय स्तर का मेला बन चुका है। यह हमारे धर्म संस्कृति का प्रतीक है।

आज रामलीला भी शुरू हुई है। भगवान श्री राम के जीवन दर्शन और विचारों को प्रकटीकरण है। जिससे हमें प्रेरणा मिलती है। भगवान श्रीराम ने 14 वर्ष वनवास

में रहते हुए गरीब वंचित को साथ लेकर सत्य और पाप पर विजय प्राप्त की थी। हेमा मालिनी बहुत लोकप्रिय अभिनेत्रियों में से हैं। उन्होंने कला के माध्यम से भारत की आध्यात्मिक संस्कृति को विश्व भर में पहुंचाने में बहुत बड़ा योगदान है। उनकी कला शैली सदैव जीवंत रहेगी।

रामलीला का शुभारंभ

इस दौरान रामलीला का भी शुभारंभ हुआ। श्यामा श्याम लीला संस्थान, वृन्दावन के कलाकार श्रीराम लीला का मंचन करेंगे। इस संस्थान के द्वारा अब तक कनाडा, थाईलैंड, अमेरिका, नेपाल समेत विभिन्न देशों में रामलीला का मंचन किया जा चुका है। वही कोटा में भी पूर्व में रामलीला, कृष्ण लीला

और रासलीला का मंचन कर चुके हैं। संस्थान के अध्यक्ष हरिबल्लभ शर्मा % रासाचार्य% ने बताया कि संस्थान की ओर से संगीतज्ञ, मंच सज्जा के कारीगर और अभिनय करने वाले पात्र समेत कुल 30 लोगों की टीम कोटा पहुंच चुकी है। व्यास पीठ पर पं. महेश शर्मा विराजमान होकर रामलीला का संचालन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्री रामचरितमानस पर आधारित प्रसंग का मंचन किया जाएगा। वहीं राधेश्याम रामायण और वाल्मीकि रामायण से भी कुछ पुट लेते हैं। इस बार रामलीला के दौरान विशेष मंच सज्जा देखने को मिलेगी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को नारद मोह की लीला का मंचन होगा।

दशहरा मेले में प्रख्यात शास्त्रीय नृत्यांगना, अभिनेत्री और सांसद पद्मश्री हेमा मालिनी ने अपनी शानदार नृत्य कला से सबका मन मोह लिया। हेमा मालिनी ने गुरुवार को मेला उदघाटन के अवसर पर विजयश्री रंगमंच पर दुर्गा सप्तशती पर आधारित नृत्य नाटिका % दुर्गा% का मंचन किया। नृत्य नाटिका और महिषासुर मर्दिनी रूप की प्रस्तुति ने विजयश्री रंगमंच के सामने बैठे दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

हेमा मालिनी ने नृत्य नाटिका की शुरुआत शिव सती कथा से की। जिसमें सती का किरदार निभाते हुए उन्होंने बेहतरीन प्रस्तुति दी। इस दौरान प्रेम, भक्ति व रौद्र रस के भावपूर्ण नृत्य मंचन ने दर्शकों का मन मोह लिया। दशहरा उदघाटन पर आयोजित रंगारंग

कार्यक्रम में हेमा मालिनी की प्रस्तुति देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। दर्शकों ने बीच-बीच में दुर्गा मैया की जय का उद्घोष कर कलाकारों में ऊर्जा भरने का काम किया।

शानदार प्रस्तुति-माना दुर्गा अवतरित हो गई हो

हेमा मालिनी ने साथी कलाकारों के साथ शिवदुर्गा नृत्य नाटिका की ऐसी प्रस्तुति दी कि मानो मेला प्रांगण में उनके स्वरूप में मां दुर्गा अवतरित हो गई हों। यहां प्रस्तुत नृत्य नाटिका में उन्होंने मां दुर्गा और सती के साथ कई रूपों में प्रेम, भक्ति और रौद्र रस का भावपूर्ण मंचन किया। हेमा मालिनी ने साथी कलाकारों के साथ शिव सती कथा, दक्ष वध, शिव तांडव, बम लहरी, शिव पार्वती विवाह, नमस्तस्यै की प्रस्तुति दी।

दैहिक अभिनय और संवादों

 

ने किया अभिभूत हेमा ने साथ आए 46 से अधिक कलाकारों के दल के साथ नृत्य, भाव भंगिमा, दैहिक अभिनय तथा संवाद की प्रस्तुति दी। नृत्य के दौरान भक्ति संगीत और भारतीय शास्त्रीय नृत्य के रूप में नृत्य नाटिका का मंचन किया गया। जिसमें नवदुर्गा स्वरूप, भवानी प्रसाद नर्तन, चंडी रूप धारण, महाकाली रूप, महिषासुर मर्दिनी, सिंह सवार दुर्गा समेत विभिन्न मंचन हुए। जबरदस्त अभिनय देखकर दर्शक अभिभूत नजर आए।

भीड़ उमड़ी, टकटकी लगाए बैठे रहे

ऐतिहासिक उद्घाटन बन गया कोटा दशहरा मेला उदघाटन ऐतिहासिक उद्घाटन बन गया कोटा दशहरा मेला उदघाटनअभी तक दर्शकों के अभाव में औपचारिक समारोह होता आया है। 131 वां मेला दशहरा का भव्य उद्घाटन ऐतिहासिक बन गया। पहली बार मेले के उदघाटन में भरी भीड़ उमड़ी। लोग दिन से ही आकर बैठ गए थे। पूरे कार्यक्रम के दौरान टकटकी लगाए टिके रह

 

 

 

 

 

 

 

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