प्रदेश भर में जो सरकार द्वारा मुक्त राशन उपलब्ध करवाया जाता है, उसके लिए अब ई केवाईसी करवाना अति आवश्यक हो गया है, ताकि वह सही व्यक्ति को ही जो उस योजना का हकदार है उसे ही राशन उपलब्ध हो, इसके लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है, राशन लेने वाले उन सभी लोगों को ई-केवाईसी करवाना अति आवश्यक होगा, जो हर मैं मुक्त सरकारी योजना के तहत राशन लेते हैं,प्रदेश में फर्जी तरीके से राशन उठाने वाले लोगों पर लगाम कसने की तैयारी की जा रही है।
इसके साथ ही राशन वितरण में बदलाव किया जा हा है। खाद्य सुरक्षा योजना में ई- केवाईसी नहीं कराने पर लाभार्थियों को एक नवंबर से राशन नहीं मिलेगा और उनका नाम खाद्य सुरक्षा योजना की सूची से बाहर कर दिया जाएगा।सस्ता राशन लेने के लिए 31 अक्टूबर ई केवाईसी करवानी होगी। इधर, ऐसा दावा किया जा रहा है कि इस व्यवस्था के बाद 10 लाख से ज्यादा फर्जी तरीके से राशन लेने वाले लोग कम हो जाएंगे।
खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने मीडिया से बातचीत में कहा- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हमें 15 अगस्त तक प्रदेश भर के लाभार्थियों
अगले महीने 1 नवम्बर से बिना ई केवाईसी वालों को राशन नहीं दिया जाएगा और उनके नाम पात्रता सूची से हटा दिए जाएंगे।लाभार्थी को वापस जुड़ने के लिए शुरू से प्रक्रिया अपनानी पड़ेगी।
अब तक 3.60 करोड़ लाभार्थियों की ई-केवाईसी की ई-केवाईसी करानी थी, लेकिन हमने इसे एक महीने बढ़कर 15 सितंबर कर दिया है। फिलहाल सितंबर में राशन दिया जा रहा है। अगले महीने 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक ई-केवाईसी कराने पर हो राशन मिल पाएगा। इसके बाद
गोदारा ने कहा- अभी खाद्य सुरक्षा योजना में 4.46 करोड़ लाभार्थियों को सूची में हैं। इनमें से अभी तक 3.60 करोड़ लाभार्थियों की ई-केवाईसी की जा चुकी है। प्रदेश में खाद्य सुरुक्षा योजना में 4.46 करोड़ लोगों की सीलिंग है, इससे ज्यादा लोग योजना में लाभार्थी नहीं हो सकते। ई-केवाईसी करवाना जरूरी है
गोदारा ने कहा- ई-केवाईसी नहीं करवाने वालो की जगह जरूरतमंदों को जोड़ा जाएगा। अभी कई लोग जो ज्यादा आय वाले हैं वे ई-केवाईसी नहीं करवा रहे हैं। ई- केवाईसी की वजह से बड़े पैमाने पर लोग बाहर होंगे। उनकी जगह जो जरूरतमंद लोग योजना से बाहर हैं, उन्हें इससे जोड़ा जाएगा। गांवों में सरपंच, स्कूल प्रिंसिपल और गणमान्य लोगों की कमेटी बनाकर वचित लोगों के नाम खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ा जाएगा।




