Saturday, April 18, 2026
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विद्युत विभाग में समयबद्ध पदोन्नति को लेकर संघर्ष समिति का आन्दोलन तेज

 

 

थर्मल मुख्य द्वार पर राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, कोटा के बैनर तले विद्युत निगमो में एक समान समयबद्ध पदोन्नति करने को लेकर 13वे दिन भी लगातार आंदोलन जारी रहा।

संघर्ष समिति के संयोजक वीरेन्द्र कश्यप ने बताया कि राजस्थान भर की समस्त विद्युत उत्पादन इकाईयों में विगत कई दिनों से तकनीकी कर्मचारियों द्वारा रोजाना 1 घंटे का कार्य बहिष्कार किया जा रहा है। कोटा संघर्ष समिति ने आंदोलन को तेज करते हुए कर्मचारियों में कमर कस ऊर्जा का संचार किया तथा आंदोलन को उग्र करते हुए सोमवार को थर्मल के अतिरिक्त मुख्य अभियंता वाय एस कटियार और संयुक्त निदेशक कार्मिक हेमंत मदान को मुख्य द्वार पर रोक कर समस्या के शीघ्र निस्तारण हेतु वार्ता की।

दोनों अधिकारियों ने मौके पर मुख्य अभियंता के एल मीना से दूरभाष पर वार्ता की । इस पर मीणा साहब ने दूरभाष पर बताया कि समिति के प्रतिनिधिमंडल को तय तारीख पर जयपुर मुख्यालय पर निगम के सीएमडी देवेंद्र श्रृंगी एवं मुख्य कार्मिक अधिकारी आलोक शर्मा ने वार्ता पर आमंत्रित किया है।

राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण श्रमिक संघ (भारतीय मजदूर संघ) ने प्रदेश अध्यक्ष योगेन्द्र सिंह हाड़ा के निर्देश पर कोटा वृत्त ने संघर्ष समिति को अपना समर्थन दिया। कोटा वृत्त प्रसारण निगम बीएमएस के महामंत्री मुकेश गोस्वामी ने कहा कि समयबद्ध पदोन्नति के लिए सभी निगमों में विद्युत प्रशासन द्वारा वर्ष 2019 में तकनीकी कर्मचारियों से भरवाए विकल्प पत्र के अनुसार (ऑप्शन फॉर्म ) 3, 12, 21, 30 वर्ष का सेवाकाल पूर्ण होने पर स्वतः ही कर्मचारियों को पदोन्नत किया जाना है। इसीलिए कर्मचारियो ने समयबद्ध पदोन्नति को लेने का विकल्प चुना गया था । लेकिन निगम प्रशासन के अधिकारीयो की नीति हमेशा कर्मचारियों का शोषण करने की रहीं हैं। समयबद्ध पदोन्नति को देने में निगम एक से डेढ़ वर्ष का समय लगा देते हैं ओर जब निर्धारित सेवाकाल पूर्ण होता है तब से पदोन्नति नही देकर अगले वित्तीय वर्ष में पदोन्नत किया जाता है । जिससे लगभग 8 से 10 माह का आर्थिक नुकसान हो रहा है । जिससे कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त हैं।

संघर्ष समिति के संयोजक महेशचन्द डागुर ने कहा कि अब तक भारतीय मजदूर संघ, इंटक आदि श्रमिक संगठनों ने अपने अपने स्तर पर निगम प्रशासन को धरना-प्रदर्शन कर माननीय ऊर्जा मंत्री तथा ऊर्जा सचिव के नाम इकाई स्तर के अधिकारियों के माध्यम से ज्ञापन दिया था। फिर भी निगम के अधिकारी अब तक किसी सकारात्मक निर्णय पर नहीं पहुंच सके।

बीएमएस के पूर्व विद्युत प्रभारी सी पी शर्मा ने कहा कि संगठनो की मांगो पर जो सकारात्मक सोच रखने वाली कर्मचारियो के हित मे सोचने वाली तथा कर्मचारियो की वाजिब मांग को मानने वाली सरकार ही कर्मचारीयो की होती है।कर्मचारियो का किसी भी पार्टी से कोई वास्ता नही होता है। चाहे सरकार कोई सी भी हो।

शर्मा ने कहा कि पूर्व मे विषम परिस्थितियो के बावजूद भी श्रमिकों की कई मांगे लम्बे समय संघर्ष के बाद ही पूर्ण हुई तो आज तो काफी हद तक अनुकूल वातावरण है। शर्मा के औजस्वी भाषण से कर्मचारियो का मनोबल ओर मजबूत हुआ।

सह संयोजक रवि गौतम और ललित कुमावत ने निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा आंदोलन मे अधिक से अधिक संगठित होकर शामिल होने के लिए आह्वान किया।

इस अवसर पर कर्मचारी किशन गुर्जर, सुशील गुप्ता, सीएस गोमा, नरेश मालव, रामेश्वर मीणा, महावीर तराना, नागेश्वर कुमावत, रवि कुमार समेत कई महिला तकनीकी कर्मचारी बबीता शर्मा, प्रियंका शर्मा, सुनीता,भाविका, मंचिता मीणा भी मौजूद रही ।

 

 

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