सड़क से सरोकार तक: ‘यंगथॉन 2026’ को आयोजन नहीं, कोटा की जीवनशैली बनाना होगा
✍️ डॉ.नयन प्रकाश गांधी पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट ,मैनेजमेंट विश्लेषक
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई )के एक अभिन्न अंग के रूप में ‘यंग इंडियंस’ (Yi) केवल एक नाम नहीं, बल्कि देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण के साझा संकल्प से जोड़ने वाला एक वैश्विक दर्शन है। जब इस दर्शन को कोटा जैसे ऊर्जावान शहर के युवा नेतृत्व का साथ मिलता है, तो ‘यंगथॉन 2026’ जैसा एक ऐतिहासिक जन-आंदोलन खड़ा होता है। देश के प्रतिष्ठित यूथ एक्टिविस्ट ,पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट,मीडिया कॉलमनिस्ट डॉ. नयन प्रकाश गांधी का मानना है कि रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को श्री उम्मेद क्लब से शुरू हुई इस दौड़ ने कोटा के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है।
लेकिन टीम सीआईआई यंग इंडियन्स (Yi) कोटा चैप्टर के लिए इस भव्य सफलता के बाद सबसे बड़ी चुनौती और जिम्मेदारी यही है कि-‘यंगथॉन’ केवल एक दिन का उत्सव या इवेंट बनकर न रह जाए, बल्कि इसे कोटा के नागरिकों की दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनना होगा। जब तक फिटनेस, शिक्षा के प्रति समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व हर नागरिक की रोजमर्रा की आदत नहीं बनेगा, तब तक युवाओं को संगठित करने का यह मूल उद्देश्य पूरी तरह सार्थक नहीं हो पाएगा।
युवा नेतृत्व का बेमिसाल कौशल और ऐतिहासिक जन-समूह
इस अभूतपूर्व सफलता के पीछे कोटा चैप्टर की युवा टीम का कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व रहा है। इतने वृहद स्तर पर, जहाँ हजारों लोगों की सुरक्षा, रूट मैनेजमेंट और ऊर्जा को संभालना हो, वहाँ इस युवा ब्रिगेड ने यह साबित कर दिया कि उनमें वैश्विक स्तर की लीडरशिप क्षमता है।
इस मैराथन की सबसे खूबसूरत बात इसकी अद्भुत विविधता थी, क्योंकि यह सिर्फ धावकों की दौड़ बनकर नहीं रह गई, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग ने बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जहाँ शहर के गणमान्य नेताओं और राजनीतिज्ञों ने युवाओं का हौसला बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से भाग लिया, जिनमें विश्व की सबसे बड़ी अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक संस्था रेड क्रॉस सोसाइटी राजस्थान के चेयरमैन एवं कोटा नागरिक सहकारी बैंक के चेयरमैन ,माहेश्वरी समाज के अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला ,भाजपा जिला अध्यक्ष कोटा शहर राकेश जैन ,विभिन्न विभागों के प्रशासनिक अधिकारी एवं कोटा के इंडस्ट्री जगत के विभिन्न शिक्षाविद ,इंडस्ट्रियलिस्ट , स्टार्टअप लीडर्स , शहर में कई प्रतिष्ठित चिकित्सक ,विमेन लीडर्स ,सोशल एक्टिविस्ट ,साथ ही कोटा का पूरे देशभर में एवं विश्व में डंका बजाने वाले अल्ट्रा रनर,आयरनमैन शामिल हुए।
वहीं विभिन्न इंडस्ट्री ग्रुप्स के औद्योगिक एवं बिजनेस लीडर्स ने भी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी और फिटनेस के महत्व को रेखांकित करते हुए सभी के साथ कदम से कदम मिलाया और साथ ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मंच के जरिए एकजुटता और सामाजिक सद्भाव का सशक्त संदेश दिया।
बाल प्रतिभाओं और शैक्षणिक संस्थानों का महाकुंभ
‘यंगथॉन 2026’ की थीम ‘रन फॉर एजुकेशन’ (Run for Education) थी, और इस उद्देश्य को कोटा के कोचिंग और स्कूली इकोसिस्टम ने पूरी ताकत दी। शहर के लगभग हर छोटे-बड़े स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने इसमें भाग लेकर बाल प्रतिभाओं का एक विराट समूह खड़ा कर दिया।कंधे से कंधा मिलाकर दौड़ते इन बच्चों में न केवल देश का भविष्य दिखा, बल्कि विभिन्न कोचिंग संस्थानों और स्कूलों के समस्त स्टाफ तथा संकायों के कार्मिकों ने भी इसमें पूर्ण सहभागिता की। यह अद्भुत नजारा था जहाँ शिक्षक, छात्र, निदेशक और कर्मचारी सभी एक ही टी-शर्ट में, एक ही कॉज के लिए दौड़ रहे थे।
सीआईआई और यंग इंडियंस का वैश्विक दृष्टिकोण
भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) एक गैर-सरकारी, गैर-लाभकारी और उद्योग नेतृत्व वाली संस्था है जो नीतिगत और सामाजिक दोनों स्तरों पर भारत के विकास को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाती आ रही है । और इसी दूरदर्शी विजन को आगे बढ़ाने के लिए साल 2002 में ‘यंग इंडियंस’ (Yi) की स्थापना की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य 21 से 40 वर्ष के युवाओं को राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ना है। आज यह संगठन एक विशाल परिवार बन चुका है जिसके देशभर में 72 से अधिक चैप्टर और 7,400 से ज्यादा सीधे उद्यमी सदस्य हैं, साथ ही 77,000 से अधिक युवा सदस्य जो कॉलेज छात्र हैं और 87,000 से अधिक थालिर सदस्य जो स्कूली बच्चे हैं, इसका अभिन्न हिस्सा हैं, और वैश्विक स्तर पर G20 यंग एंटरप्रेन्योर्स अलायंस का सह-संस्थापक होने के कारण यह अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत के युवाओं की सशक्त आवाज बनकर उभरा है।कोटा चैप्टर ने इसी वैश्विक नेतृत्व (Global Leadership) की मिसाल पेश करते हुए ‘यंगथॉन’ को सिर्फ एक दौड़ नहीं, बल्कि शिक्षा से वंचित बच्चों की मदद का जरिया बनाया। इस आयोजन से मिलने वाले सहयोग को सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचा (जैसे बेंच) प्रदान करने और वंचित बच्चों की शिक्षा पर खर्च किया जा रहा है।

Yi से कौन जुड़ सकता है? जानिए सदस्यता के आसान नियम
यंग इंडियंस से जुड़ने की प्रक्रिया युवाओं के लिए बेहद सरल रखी गई है। इसमें नए सदस्यों के लिए उम्र सीमा 21 से 40 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि पहले से जुड़े मौजूदा सदस्य 45 वर्ष की आयु तक संगठन का हिस्सा बने रह सकते हैं। साथ ही, संगठन में कपल मेंबरशिप की भी सुविधा है, जिसके लिए यह अनिवार्य है कि दोनों पार्टनर्स की उम्र 45 वर्ष से कम हो।
अगला कदम: आयोजन से आदत की ओर बदलाव
यंग इंडियंस कोटा चैप्टर की इस शानदार टीम ने यह तो दिखा दिया कि वे शहर को एक दिशा में मोड़ सकते हैं। अब समय है इसे एक स्थाई बदलाव में बदलने का। कोटा को केवल ‘शिक्षा की काशी’ ही नहीं, बल्कि ‘फिटनेस और सजगता की नगरी’ के रूप में स्थापित करने के लिए ‘यंगथॉन’ के इस जज्बे को हर घर की दिनचर्या बनाना होगा। जब हर सुबह कोटा का युवा किताबों के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य और समाज के लिए दौड़ेगा, तभी सीआईआई यंग इंडियंस का वास्तविक मोटो (Motto) धरातल पर पूरी तरह साकार होगा।कोटा चैप्टर की पूरी टीम को इस अविश्वसनीय और सफल प्रयास के लिए बधाई, जिसने पूरे देश के सामने युवा संगठन की एक अनूठी मिसाल पेश की है!
लेखक परिचय : डॉ नयन प्रकाश गांधी देश के प्रतिष्ठित पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट ,अंतर्राष्ट्रीय लाइफ़ करियर कोच भी है ,देश और विश्व के प्रतिष्ठित संस्थानों से प्रशिक्षित है युवा सशक्तिकरण ,सामाजिक नवोन्मेष समसमायिकी पर सतत् रूप से जन जागरूकता हेतु लेखन में सक्रिय है ,पूर्व में राजस्थान सरकार के विभागीय प्रॉजेक्ट टीम के साथ सीआईआई नई दिल्ली में राष्ट्रीय डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सम्मान के साथ कई संस्थाओं द्वारा राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय मंच पर कई सम्मान प्राप्त कर चुके है ,और उन्हें राज्य केंद्र सरकार की विभिन्न परियोजनाओं में कार्य का कड़ा अनुभव है अब वे अपनी कंसल्टेंसी के माध्यम युवा महिला ,वरिष्ठ उद्यमियों ,शिक्षाविदों ,एमएसएमई लीडर्स ,पॉलिटिकल सोशल एक्टिविस्ट हेतु विभिन्न स्तर पर अपनी एडवाइजरी सेवा देने में सामाजिक प्रतिबद्धता के साथ विशेष रूप से सक्रिय है। ये उनके अपने विचार है।





युवा नेतृत्व का बेमिसाल कौशल और ऐतिहासिक जन-समूह
