मारपीट, जबरन वसूली और खाली चेक-स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर कराने का आरोप; दो पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी उठाए सवाल
कोटा। शहर में एक बुजुर्ग के साथ कथित मारपीट, धमकाने और जबरन चेक व स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर कराने का मामला सामने आया है। उद्योग नगर थाना क्षेत्र के 58 वर्षीय सुधीर श्रीवास्तव ने हिस्ट्रीशीटर गुड्डू हजरत और उसके साथियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने मामले में दो पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए मिलीभगत का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चाय पीते समय बुलाकर ले जाने का आरोप
पीड़ित सुधीर श्रीवास्तव की शिकायत के अनुसार, घटना 2 सितंबर 2026 की है। वह स्वामी विवेकानंद नगर क्षेत्र में कंसुआ चौराहे पर चाय पी रहे थे। इसी दौरान शब्बीर नाम का युवक अपने एक साथी के साथ वहां पहुंचा और भाई साहब के बुलाने की बात कहकर उन्हें गोविंद नगर स्थित एक मकान पर ले गया।
आरोप है कि वहां गुड्डू हजरत और उसके साथियों ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने उन पर ओंकार लाल कोली से 26 लाख रुपये लेने की बात स्वीकार करने का दबाव बनाया और इस दौरान उनका वीडियो भी बनाया।
खाली चेक और स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर कराने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बुजुर्ग को बाद में गोबरिया बावड़ी स्थित एक जेरोक्स की दुकान पर ले जाया गया, जहां स्टांप पेपर पर लिखवाकर नोटरी से सत्यापन कराया गया। पीड़ित का दावा है कि एसबीआई की आरकेपुरम शाखा के दो खाली चेक पर भी जबरन हस्ताक्षर करवाए गए।
सुधीर श्रीवास्तव का कहना है कि उन्होंने न तो संबंधित रकम उधार ली और न ही ऐसी कोई राशि प्राप्त की, फिर भी चेक के इस्तेमाल को लेकर उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी सवाल
पीड़ित ने अपनी शिकायत में दो पुलिसकर्मियों की कथित भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। मामले में मारपीट, धमकी और थाने में रातभर बैठाकर रखने जैसे आरोप भी सामने आए हैं। हालांकि, इन आरोपों और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी स्थिति
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि कथित घटनाक्रम में किन लोगों की भूमिका थी, चेक और स्टांप पेपर किन परिस्थितियों में हस्ताक्षरित कराए गए तथा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। मामले में संबंधित पक्षों का जवाब और पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।








