106 वर्ष की सहकारिता परंपरा, 1.64 करोड़ का शुद्ध लाभ,5195 सदस्यों को 10 प्रतिशत लाभांश,12 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि घोषित
कोटा कर्मचारी सहकारी समिति की आमसभा में 251 वरिष्ठ सदस्य सम्मानित, 595 लोगों ने कराई नेत्र जांच
भारत सिंह चौहान✍️
कोटा। विश्वास, पारदर्शिता और सामूहिक सहभागिता के आधार पर सहकारिता की 106 वर्ष पुरानी परंपरा को आगे बढ़ा रही कोटा कर्मचारी सहकारी समिति लिमिटेड संख्या 108 आर की 106वीं आमसभा रविवार को बालाजी नगर स्थित केडीए ऑडिटोरियम भवन परिसर में आयोजित हुई। अध्यक्ष डा.मीनू बिरला ने बताया कि आमसभा में सदस्यों को 10 प्रतिशत लाभांश और 12 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि एवं यात्रा व्यय को 200रू के स्थान पर 300रूपये करने की घोषणा की गई। इस अवसर पर 251 वरिष्ठ सदस्यों का सम्मान किया गया तथा निशुल्क नेत्र जांच एवं चिकित्सा शिविर में 595 लोगों ने सेवाएं प्राप्त कीं। सचिव विमल जैन समिति ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1.64 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। खास बात यह है कि 106 वर्षों के सफर में समिति का एक भी रुपया गैर निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) के रूप में दर्ज नहीं हुआ है।
कार्यक्रम का शुभारंभ सहकारगान और ध्वजारोहण के साथ हुआ। इसके बाद समिति के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ सहकार नेता स्वर्गीय श्रीकृष्ण बिरला को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, राजस्थान रेडक्रॉस के स्टेट चेयरमैन एवं कोटा नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला, कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, लाडपुरा विधायक कल्पना देवी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की धर्मपत्नी समाजसेवी डॉ. अमिता बिरला, लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजीव दत्ता, महापौर अनुसूइया गोस्वामी, उपमहापौर विवेक राजवंशी, कोटा सरस डेयरी अध्यक्ष चेनसिंह राठौड़, भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन, श्री हितकारी विद्यालय सहकारी समिति की अध्यक्ष सूरज बिरला, कोटा महिला नागरिक सहकारी बैंक की अध्यक्ष मंजू बिरला, डीआर राजेश मीणा,अध्यक्ष डा.मीनू बिरला, सचिव विमल जैन ने सतरंगी सहकार ध्वज फहराकर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
विश्वास और पारदर्शिता से मजबूत हुई सहकारिता की नींव
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि सौ वर्ष से अधिक पुरानी संस्था का एक भी रुपया एनपीए नहीं होना उसकी वित्तीय अनुशासन व्यवस्था और सदस्यों के विश्वास को दर्शाता है। सहकारी संस्थाओं की प्रगति का आधार आपसी विश्वास होता है। बिरला परिवार ने जिस संस्था की जिम्मेदारी संभाली, उसे निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाते हुए सदस्यों का भरोसा अर्जित किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ सहकार नेता स्वर्गीय श्रीकृष्ण बिरला के पदचिह्नों पर चलते हुए वर्तमान अध्यक्ष डॉ. मीनू बिरला संस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के प्रयास कर रही हैं।
राजेश कृष्ण बिरला ने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि साझा हितों, लोकतांत्रिक प्रबंधन, आर्थिक स्वावलंबन और सामाजिक एकता पर आधारित एक मिशन है। सहकारी संस्थाओं का संचालन इस भावना से होना चाहिए कि सदस्यों के हितों की रक्षा के साथ संस्था की प्रगति सुनिश्चित हो। संस्था का विकास ही उसके नेतृत्व की वास्तविक उपलब्धि है। उन्होंने सहकारिता के मूल्यों को मजबूत करते हुए सदस्यों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
समाजसेवी डॉ. अमिता बिरला ने समिति की प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वरिष्ठ सदस्य संस्था की अमूल्य पूंजी हैं। उनके अनुभवों और सुझावों का उपयोग संस्था को और आगे ले जाने में किया जाना चाहिए। उन्होंने विकास की संभावनाओं से जुड़े कई सुझाव भी प्रस्तुत किए। लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजीव दत्ता ने भी आमसभा में अपने विचार व्यक्त किए।
भरोसा कायम रखना ही संस्था की असली उपलब्धि
विधायक कल्पना देवी और संदीप शर्मा ने कहा कि पांच हजार से अधिक सदस्यों वाली संस्था का लंबे समय तक सुचारु संचालन करना, लाभ की स्थिति बनाए रखना और जरूरत के समय सदस्यों के साथ खड़े रहना निरंतर प्रयासों और कुशल प्रबंधन का परिणाम है। विश्वास अर्जित करना जितना कठिन है, उसे बनाए रखना उससे भी बड़ी जिम्मेदारी है। समिति ने 106 वर्षों की यात्रा में इस भरोसे को कायम रखने का प्रयास किया है।
महापौर अनुसूइया गोस्वामी और उपमहापौर विवेक राजवंशी ने कहा कि सहकारिता का मूल मंत्र है, सब एक के लिए और एक सबके लिए। समिति ने अपने लंबे कार्यकाल में सहकारिता के इन सिद्धांतों के अनुरूप कार्य करते हुए सदस्यों को एक साझा मंच उपलब्ध कराया है।
पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ सहकार नेता स्वर्गीय श्रीकृष्ण बिरला के योगदान को याद किया
समिति की अध्यक्ष डॉ. मीनू बिरला ने अपने संबोधन की शुरुआत वर्ष 1920 में समिति की नींव रखने वाले स्वर्गीय गजाधर प्रसाद को स्मरण करते हुए की। उन्होंने संस्था को वटवृक्ष के रूप में विकसित करने में पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ सहकार नेता स्वर्गीय श्रीकृष्ण बिरला के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि बाबूजी ने अपने परिश्रम, लगन और समर्पण से संस्था को सींचा। उनके कार्यकाल में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार हुआ, संस्था के भवन का विकास हुआ और कामकाज को कंप्यूटरीकृत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।
डॉ. मीनू बिरला ने कहा कि सदस्यों के सहयोग से समिति निरंतर प्रगति कर रही है। बदलते समय के साथ सेवाओं को आधुनिक बनाना प्राथमिकता है। सॉफ्टवेयर अपडेट का कार्य पूरा होने के बाद कंप्यूटरीकृत कार्यप्रणाली शुरू हो गई है। इससे सदस्यों को बचत और ऋण खातों की कंप्यूटरीकृत पासबुक जारी की जाएगी। किस्तों के भुगतान की ऑनलाइन व्यवस्था भी शुरू कर दी गई है, जिससे सदस्यों को सुविधाजनक और पारदर्शी सेवाएं मिल सकेंगी।
227.74 करोड़ रुपये की कार्यशील पूंजी, 183.69 करोड़ की जमा अमानतें
अध्यक्ष डॉ. मीनू बिरला ने समिति की वित्तीय उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि 31 मार्च 2026 तक समिति के सदस्यों की संख्या बढ़कर 5,195 हो गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में समिति ने 1.64 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध लाभ अर्जित किया।
समिति की कार्यशील पूंजी 227.74 करोड़ रुपये, कोष 10.12 करोड़ रुपये, जमा हिस्सा 7.67 करोड़ रुपये और जमा अमानतें 183.69 करोड़ रुपये तक पहुंच गई हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान सदस्यों को 24.15 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए, जबकि 31 मार्च 2026 तक बकाया ऋण 55.70 करोड़ रुपये रहा।
उन्होंने कहा कि एक सदी से अधिक की यात्रा में समिति ने सदस्य संख्या, वित्तीय क्षमता और सेवाओं के विस्तार के स्तर पर उल्लेखनीय प्रगति की है। संस्था का उद्देश्य सदस्यों की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के साथ उन्हें बेहतर और सुलभ सहकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है।
251 वरिष्ठ सदस्यों का सम्मान, 595 लोगों की हुई नेत्र जांच
समिति के सचिव विमल जैन ने बताया कि आमसभा दो सत्रों में आयोजित की गई। प्रथम सत्र में 251 वरिष्ठ सदस्यों को मुख्य अतिथियों ने प्रशस्ति पत्र, शॉल और माला पहनाकर सम्मानित किया। दूसरे सत्र में समिति की गतिविधियों, उपलब्धियों और भावी योजनाओं की जानकारी सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत की गई।
आमसभा में गत अधिवेशन की कार्यवाही का वाचन एवं पुष्टि करने के साथ अंकेक्षण रिपोर्ट का अनुमोदन किया गया। सदस्यों को 10 प्रतिशत लाभांश और 12 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा भी की गई।
इस अवसर पर आयोजित निशुल्क नेत्र जांच एवं चिकित्सा शिविर में डॉ. शैलेन्द्र बिरला ने अपनी सेवाएं दीं। शिविर में 595 लोगों ने नेत्र जांच कराई और आवश्यक चिकित्सा परामर्श एवं उपचार प्राप्त किया। समिति की ओर से आयोजित इस पहल का उद्देश्य आमसभा के साथ-साथ समाजोपयोगी गतिविधियों के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना रहा।
आमसभा में समिति की अध्यक्ष डॉ. मीनू बिरला, सचिव विमल जैन, महिला संचालक हंसा त्यागी, निदेशक सूर्यकान्त शर्मा, कर्ण सिंह हाड़ा, दिनेश पनवाड़, डॉ. विनोद पंकज, मुकुट बिहारी, ओमप्रकाश शर्मा सहित विभिन्न समितियों के पदाधिकारी, संचालक मंडल के सदस्य और कर्मचारी उपस्थित रहे।









