कोटा दशहरा मेले से कव्वाली-मुशायरा हटाने पर पूर्व डिप्टी मेयर सोनू कुरैशी ने उठाए सवाल
कोटा। कोटा का राष्ट्रीय दशहरा मेला शहर की पहचान और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा प्रमुख आयोजन है। इस बार मेले के कार्यक्रमों को लेकर पूर्व डिप्टी मेयर सोनू कुरैशी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने दशहरा मेले से कव्वाली और मुशायरा जैसे कार्यक्रमों को हटाए जाने पर आपत्ति जताई है।
सोनू कुरैशी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से दशहरा मेले की खूबसूरती और परंपरागत कार्यक्रमों को प्रभावित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद समाज से जुड़े कुछ कार्यक्रमों को निशाना बनाया जा रहा है।
कुरैशी ने विशेष रूप से मुशायरे को लेकर कहा कि इसे केवल मुस्लिम समाज से जोड़कर देखना उचित नहीं है। उनके अनुसार मुशायरा हिंदुस्तानी संस्कृति और साझा सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि दशहरा मेले की शुरुआत से ही इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं और इनकी अपनी एक परंपरा रही है।
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर उन्होंने पिछली बोर्ड बैठक में भी अपनी बात रखी थी। साथ ही अधिकारियों और महापौर से भी कार्यक्रमों को पूर्व की तरह आयोजित किए जाने का आग्रह किया गया था।
कुरैशी ने कहा कि दशहरा मेला केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि कोटा की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है। ऐसे में मेले के पारंपरिक और सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बनाए रखने पर विचार किया जाना चाहिए।





