Tuesday, July 14, 2026
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अच्छे संस्कार और संयम ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी : आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी

कोटा। अकलंक पब्लिक स्कूल, बसंत विहार में सोमवार को भारत गौरव तीर्थ संवर्धिका, स्वस्तिधाम प्रणेत्री एवं परम विदुषी लेखिका गणिनी आर्यिका 105 श्री स्वस्तिभूषण माताजी (ससंघ) के सान्निध्य में आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी प्रवचन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार के साथ सकल दिगंबर जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के प्रारंभ में विद्यालय एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ऐश्वर्य जैन, सचिव अनिमेष जैन, कोषाध्यक्ष कपिल जैन तथा प्राचार्या डॉ. अर्चना जोशी ने आर्यिका श्री का पाद प्रक्षालन कर श्रद्धापूर्वक स्वागत एवं वंदन किया।

अपने प्रवचन में आर्यिका श्री ने अकलंक एवं निकलंक मुनि महाराज के प्रेरणादायी जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवन में सुख, शांति और सफलता का आधार उत्तम संस्कार, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच है। उन्होंने विद्यार्थियों से संयमित जीवन अपनाने, सदाचार का पालन करने तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।

उन्होंने विद्यार्थियों को आत्महत्या जैसे नकारात्मक विचारों से दूर रहने, सभी प्रकार के व्यसनों का त्याग करने, चोरी न करने तथा मोबाइल पर अनुचित सामग्री से बचने का संकल्प भी दिलाया। उन्होंने कहा कि चरित्र, अनुशासन और श्रेष्ठ विचार ही व्यक्ति को महान बनाते हैं।

आर्यिका श्री के प्रेरक उद्बोधन से विद्यार्थी और शिक्षक भावविभोर हो उठे। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी तथा सकल दिगंबर जैन समाज के श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे। मंच संचालन डॉ. रुचि जैन ने किया।

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