भारत सिंह चौहान
कोटा/‘अपना घर आश्रम, कोटा’ ने सेवा की एक और मिसाल पेश करते हुए,आठ साल पहले लावारिस हालत में मिली मानसिक रूप से विमंदित महिला ‘रुमाली’ को आज उनके भाई रामलाल जाटव से मिलवाकर सकुशल घर भेजा गया।
8 वर्ष पूर्व समाजसेवी देवेन्द्र की सूचना पर, कोटा मेडिकल कॉलेज के पास से एक महिला लावारिस और मानसिक विमंदित अवस्था में भटकती मिली थी। अपना घर आश्रम के सेवासाथियों ने तत्काल रेस्क्यू कर ‘प्रभु जी’ के रूप में आश्रम में प्रवेश दिया। उस समय वे अपने बारे में कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थीं।
आश्रम के सेवासाथियों द्वारा निरंतर देखभाल, काउंसलिंग और चिकित्सा के उपरान्त धीरे-धीरे उनकी स्थिति में सुधार हुआ। कुछ समय पूर्व गांव और परिवार के बारे में टूटी-फूटी जानकारियाँ मिलने लगीं। पता चला कि वह गंगापुर सिटी के पास खानपुर बड़ौदा के जाटव बस्ती की रहने वाली हैं।प्राप्त जानकारी के आधार पर आश्रम टीम ने गंगापुर सिटी के आसपास के थानों से संपर्क किया तथा पुलिस के सहयोग से परिजनों से संपर्क किया गया।
आज रुमाली प्रभु जी के भाई श्री रामलाल जाटव आश्रम पहुँचे। करीब 8 वर्ष बाद दोनों भाई-बहन ने एक-दूसरे को देखते ही पहचान लिया। भाई बहिन के मिलन के इस भावुक दृश्य को देखकर वहाँ मौजूद सभी की आँखें नम हो गईं।
भाई रामलाल ने बताया कि उन्होंने बहन को हर संभव जगह तलाश किया था। थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करवाई थी, पर कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार परिवार ने मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी। आज बहन को सही-सलामत देखकर उनका पूरा परिवार धन्य हो गया।
आश्रम प्रबंधन ने रुमाली को आवश्यक दवाइयाँ व देखभाल की हिदायतों के साथ ससम्मान भाई के सुपुर्द किया। रामलाल ने अपना घर आश्रम की पूरी टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया।
अपना घर आश्रम सभी से अपील करता है कि कोई भी लावारिस, विमंदित या असहाय व्यक्ति दिखे तो तुरंत अपना घर आश्रम को सूचना दें। आपका एक प्रयास इन्हें उचित चिकित्सा और देखभाल के साथ ही परिजनों से मिलाने में भी सहयोगी हो सकता है ।






