Thursday, August 20, 2026
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महायज्ञ, बाल संस्कार शिविर एवं गौ भागवत कथा के माध्यम से संस्कार जागरण का संदेश

कोटा। श्रीमद् भगवत गीता शक्तिपीठ केंद्र, कुरुक्षेत्र के तत्वावधान में तथा वीरांगना कन्या संस्कार केंद्र के सहयोगार्थ आयोजित *वैदिक कामधेनु सामाजिक समरसता महायज्ञ, पंच दिवसीय वैदिक बाल संस्कार शिविर एवं श्रीमद् गौ भागवत कथा के तृतीय दिवस विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

प्रातःकालीन वैदिक सामाजिक समरसता महायज्ञ में मुख्य यजमान के रूप में  रणधीर जांगिड़ एवं  कनक नंदनी , राजेंद्र  जांगिड़ एवं गायत्री देवी उपस्थित रहे। यज्ञ में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां अर्पित कर राष्ट्र, समाज एवं विश्व कल्याण की कामना की गई। यज्ञ ब्रह्मा एवं संस्था की राष्ट्रीय संगठन महामंत्री राजश्री सिंह जी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में यज्ञ सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण एवं संस्कार निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में संस्कारित परिवारों की भूमिका पर प्रकाश डाला।

इसी क्रम में आयोजित पंच दिवसीय वैदिक बाल संस्कार शिविर के द्वितीय दिवस बच्चों को *भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति एवं वैदिक जीवन पद्धति की शिक्षा दी गई। शिविर में बच्चों ने मंत्रोच्चारण, प्रार्थना एवं विभिन्न संस्कारात्मक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि संस्कारित बालक ही भविष्य में समाज एवं राष्ट्र के आदर्श नागरिक बनते हैं।

दोपहर में आयोजित श्रीमद् गौ भागवत कथा के तृतीय दिवस संस्था की राष्ट्रीय संगठन महामंत्री राजश्री सिंह ने वीरांगना कन्या संस्कार केंद्र के उद्देश्यों एवं महंत गोविंदाचार्य जी महाराज के मार्गदर्शन में संचालित संस्कार जागरण अभियान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह कथा किसी व्यक्ति विशेष की नहीं बल्कि जन-जन की कथा है, इसलिए इस आयोजन का मूल भाव “आयोजक – आप और हम” रखा गया है।

कथा के दौरान महिला सशक्तिकरण को विशेष महत्व दिया गया। वरिष्ठ समाजसेवी अरुण जी भार्गव (कोटा) द्वारा महिलाओं को सम्मान स्वरूप स्टील के पात्र भेंट किए गए। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध समाजसेवी श्री रणधीर जी जांगिड़ एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कनक नंदनी जी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कथा व्यास पूज्या सुश्री दीदी श्रीजी ने अपने प्रवचनों में कहा कि समाज के उत्थान का आधार संस्कारित परिवार, जागरूक मातृशक्ति एवं संस्कृति से जुड़े हुए युवा हैं। उन्होंने गौ सेवा, राष्ट्र सेवा एवं संस्कारों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

आयोजन समिति ने जानकारी दी कि आगामी दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव भक्ति एवं उत्साह के साथ मनाया जाएगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, मातृशक्ति, युवाओं एवं बालिकाओं ने सहभागिता कर धर्म लाभ प्राप्त किया।

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