कोटा। शहर के एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया और परिजनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
परिजनों के अनुसार गर्भवती महिला की सभी चिकित्सकीय जांच रिपोर्ट सामान्य थीं तथा अस्पताल के डॉक्टरों ने भी प्रसव को सामान्य बताया था। परिवार का आरोप है कि 7 जून को दोपहर करीब 2:30 बजे प्रसूता को लेबर रूम में ले जाया गया, जहां मौजूद चिकित्सकों और स्टाफ ने समय रहते आवश्यक उपचार एवं निगरानी नहीं की, जिसके चलते नवजात की मौत हो गई।
परिजनों का कहना है कि यदि गर्भ में पल रहे शिशु की स्थिति गंभीर थी तो उन्हें पहले इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई। साथ ही ऑपरेशन की आवश्यकता होने पर भी कोई परामर्श नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि समय पर उचित निर्णय लिया जाता तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।
मृतक नवजात के परिजनों ने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर आस्था अग्रवाल सहित अस्पताल प्रबंधन की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मामले में अस्पताल के सुरक्षा गार्ड शंकर पर भी परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार और धक्का-मुक्की करने के आरोप लगाए गए हैं। परिवार का कहना है कि अस्पताल परिसर में महिलाओं के साथ भी अनुचित व्यवहार किया गया।
पीड़ित धीरज धोबी (26 वर्ष), निवासी नमनोहरा, कोटा ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना को लेकर परिजनों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही हो सकेगी।
















