कोटा शहर की सड़कों से अगर आपको निकालना है तो संभल जाए, यहां के मुख्य मार्गों के बीचो-बीच और आसपास अव्यवस्थित वह खुले सीवर चैंबर आपको हादसे का शिकार बना सकते हैं, जिम्मेदार लोगों ने अपनी आंखें बंद कर रखी है, नगर निगम और प्रशासन के अफर तो खुले चैंबरों के बगल से सही सलामत निकल जाते हैं, अब दूसरा कोई व्यक्ति इनमें गिरे तो इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता, जिम्मेदार वार्ड पार्षद और कोटा नगर निगम आख बंद कर बैठी है, इन समस्याओं का अभी तक कोई समाधान नहीं हो पाया है, कोटा शहर का व्यस्ततम इलाका इंदिरा मार्केट दो चॊच के बालाजी के मंदिर के पास सीवर चैंबर जो मुख्य मार्ग के बीचो-बीच खुला पड़ा है, वहां के वार्ड पार्षद महोदय अपनी आंखें बंद कर बालाजी के दर्शन कर चले जाते हैं, उनको आम लोगों की समस्याएं नहीं दिख रही है, इंदिरा मार्केट के व्यापारी और स्थानीय निवासी इस समस्या की कई बार शिकायत कर चुके हैं मगर कोई जिम्मेदार अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहा है, गुरुवार को सुबह दर्शन करने आए श्रद्धालु मिथिलेश सोनी, जो दर्शन कर अपनी दुकान पर जा रहे थे, खुले चैंबर के यहां उनकी बाइक असंतुलित हो गई जिसके कारण उनके सिर पर गहरी चोट आई है, यह कोटा नगर निगम की बहुत बड़ी लापरवाही का नतीजा है जो आम लोगों को भुगतना पड़ रहा, कोटा प्रशासन ने यदि अभी भी ध्यान नहीं दिया तो कोई बड़ा हादसा घटित हो सकता है, वरिष्ठ पत्रकार और स्थानीय निवासी श्याम सुंदर शर्मा ने इसकी शिकायत भी कर चुके हैं मगर इस समस्या का किसी ने समाधान नहीं किया




