कोटा/प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, शक्ति सरोवर, कमला उद्यान, लैंडमार्क सिटी, कोटा में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रकृति संरक्षण एवं पर्यावरण जागरूकता विषयक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि विश्वविद्यालय की कुलगुरु (वाइस चांसलर) डॉ. विमला डुकवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में कोटा संभाग प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी एवं संस्थान से जुड़े भाई-बहनों द्वारा डॉ. विमला डुकवाल का पगड़ी एवं पटका पहनाकर आत्मीय सम्मान किया गया। तत्पश्चात उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया तथा “प्रकृति परिवर्तन” विषयक पोस्टर का विमोचन किया। विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह द्वारा पौधारोपण भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. विमला डुकवाल ने ब्रह्माकुमारीज की आध्यात्मिक आर्ट गैलरी का अवलोकन किया तथा उपस्थित भाई-बहनों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी नियमित देखभाल करने, उन्हें सकारात्मक एवं शुभ वाइब्रेशन्स देने तथा प्रकृति के साथ आत्मीय संबंध स्थापित करने का प्रेरणादायी संदेश दिया।
अपने उद्बोधन में कुलगुरु डॉ. विमला डुकवाल ने कहा कि हम सभी वायुमंडल का अभिन्न हिस्सा हैं और धरती तथा वातावरण को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाए रखने के लिए योगिक कृषि को अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मनुष्य के भीतर जीवन और चेतना होती है, उसी प्रकार पौधे भी प्रेम, स्नेह और सकारात्मक भावनाओं को समझते हैं। हम उन्हें जितने शुद्ध संकल्पों, प्रेम और उचित पोषण के साथ विकसित करते हैं, वे उतनी ही श्रेष्ठ गुणवत्ता का अन्न और फल प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि “जैसा अन्न, वैसा मन” का सिद्धांत आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
उन्होंने आगे कहा कि मानव के विचार और कर्म जितने नकारात्मक एवं कड़वे होते गए, प्रकृति भी उतनी ही तमोप्रधान होती चली गई। अब समय आ गया है कि हम अपने श्रेष्ठ विचारों, सकारात्मक संकल्पों और उत्तम कर्मों के माध्यम से प्रकृति को पुनः पवित्र, संतुलित और सतोप्रधान बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में कोटा संभाग प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी ने सभी उपस्थित भाई-बहनों को पर्यावरण संरक्षण एवं वायुमंडल को शुद्ध बनाने की सामूहिक प्रतिज्ञा दिलाई। उन्होंने सभी से पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की नियमित सुरक्षा एवं देखभाल का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी भाई-बहनों को फल वितरित किए गए।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमारीज से जुड़े भाई-बहन, समाजसेवी एवं पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे। विश्व पर्यावरण दिवस का यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण, आध्यात्मिक जागरूकता एवं योगिक कृषि के संदेश के साथ संपन्न हुआ।






