भारत सिंह चौहान
कोटा। कमला उद्यान, कोटा द्वारा विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को तंबाकू सहित अन्य नशीली वस्तुओं से दूर रहने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी ओर सेवानिवृत एस पी भ्राता किशोरी लाल मीणा ओर अन्य बीके भाई बहनों ने दीप प्रज्वलित करके किया ओर नशे से दूर रहने ओर दूसरों को नशे से दूर रहने की प्रतिज्ञा करी।
कार्यक्रम के अंतर्गत कुन्हाड़ी पेट्रोल पंप चौराहे पर ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से जुड़े बीके भाई-बहनों द्वारा प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी गई। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने नाटक को देखा तथा नशे की लत और उसके दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी प्राप्त कर नशे से दूर रहने की प्रतिज्ञा ली।
इसी क्रम में ब्रह्माकुमारीज की नुक्कड़ नाटक मंडली ने कोटा खुला विश्वविद्यालय में भी अपनी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में कोटा संभाग प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनके साथ बीके ज्योति दीदी, भ्राता किशोरीलाल मीणा (सेवानिवृत्त एस.पी.) तथा विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग के प्रोफेसर संदीप हुड्डा भी उपस्थित रहे।
बीके ज्योति दीदी ने नशे से दूर रहने और उसके दुष्प्रभावों को लेकर गंभीर तथ्य रखते हुए युवाओं को इससे दूर रहकर स्वयं एवं परिवार को मानसिक रूप से सशक्त बनाने के लिए राजयोग मेडिटेशन से जुड़ने का संदेश दिया।
राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में चारों ओर नकारात्मकता का वातावरण बढ़ता जा रहा है। ऐसे समय में मनुष्य को सही और गलत का निर्णय लेने के लिए आंतरिक शक्ति की आवश्यकता है। यह शक्ति राजयोग मेडिटेशन से प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने सभी से राजयोग सीखकर अपनी सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने तथा स्वयं के साथ समाज को भी नशामुक्त बनाने का आह्वान किया।
भ्राता किशोरीलाल मीणा जी ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें समाज में आग लगाने वालों में नहीं, बल्कि आग बुझाने वालों में गिना जाना चाहिए। उन्होंने कहानी के माध्यम से छात्र-छात्राओं को जीवन में सही दिशा चुनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के अंत में प्रोफेसर संदीप हुड्डा ने बीके उर्मिला दीदी, बीके ज्योति दीदी एवं भ्राता किशोरीलाल मीणा जी का पुष्पगुच्छ एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया। साथ ही नुक्कड़ नाटक मंडली के सभी कलाकारों का सम्मान कर उनके जनजागरूकता प्रयासों की सराहना की।










