कोटा। बोरखेड़ा क्षेत्र में निर्माणाधीन नहर में बाइक सवार के गिरने से हुई मौत के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए KDA के अधिशासी अभियंता (XEN) सागर मीणा, सहायक अभियंता (AEN) लाल चंद मटोरिया और कनिष्ठ अभियंता (JEN) विनोद मंडावत को निलंबित कर दिया है। साथ ही संबंधित मामले में 17.23 लाख रुपये की पेनल्टी भी लगाई गई है।
हालांकि इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में कई सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि केवल अधिकारियों को निलंबित करना पर्याप्त नहीं है, जबकि निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। क्षेत्रवासियों के अनुसार निर्माण स्थल पर लंबे समय से सुरक्षा इंतजामों की कमी थी और चारों तरफ गंदगी व कचरे का अंबार लगा रहता था।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस पुलिया के पास हादसा हुआ, वह पिछले करीब पांच वर्षों से टूटी हुई थी। कई बार शिकायतें और वीडियो सामने आने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ। लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी और ठेकेदार ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की, जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ।
मामले के बाद क्षेत्र में प्रशासन और निर्माण कार्यों की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों ने मांग की है कि हादसे के लिए जिम्मेदार सभी पक्षों, विशेषकर ठेकेदार, के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।






