कोटा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में “सिंधी समाज का योगदान” विषय पर भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ब्रह्माकुमार भारत भूषण ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में भारत भूषण भाई जी ने कहा कि ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की स्थापना एवं उसके विश्वव्यापी विस्तार में सिंधी समाज का अमूल्य योगदान रहा है। संस्था के प्रारंभिक समय में अधिकांश दादियाँ एवं बहनें सिंधी परिवारों से थीं तथा संस्था के संस्थापक दादा लेखराज कृपलानी स्वयं भी सिंधी समाज से थे।
उन्होंने बताया कि परमात्मा शिव की प्रेरणा से दादियों ने संपूर्ण विश्व में आध्यात्मिकता एवं राजयोग मेडिटेशन का संदेश पहुँचाया। उन्हीं के तप, त्याग और पुरुषार्थ का परिणाम है कि आज संस्था विश्व के 140 देशों में अपने सेवाकेंद्रों के माध्यम से परमात्मा निराकार शिव का संदेश जन-जन तक पहुँचा रही है, जहाँ निःशुल्क राजयोग मेडिटेशन सिखाया जाता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी, शक्ति दीदी एवं समाज के वरिष्ठजनों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर बीके उर्मिला दीदी ने भारत भूषण भाई जी का पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से ब्रह्माकुमारी बिन्दु दीदी ने उपस्थित सभी भाई-बहनों को आत्मा, परमात्मा एवं सृष्टि चक्र के गूढ़ आध्यात्मिक रहस्यों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी तथा सभी को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास भी कराया। उनके आध्यात्मिक विचारों से उपस्थित जनसमूह ने आत्मिक शांति एवं दिव्य अनुभूति का अनुभव किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों को ब्रह्मा भोजन कराया गया तथा सेवा केंद्र में स्थित आध्यात्मिक आर्ट गैलरी का अवलोकन भी कराया गया। कार्यक्रम का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा, शांति एवं भाईचारे की भावना से ओत-प्रोत रहा।





