Tuesday, August 11, 2026
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पुण्योदय अतिशय क्षेत्र नसियां जी, दादाबाड़ी, कोटा में वृहद सम्यक ज्ञान एवं संस्कार शिक्षण शिविर का भव्य आयोजन —  पोस्टर का विमोचन

पुण्योदय अतिशय क्षेत्र नसियां जी, दादाबाड़ी, कोटा में वृहद सम्यक ज्ञान एवं संस्कार शिक्षण शिविर का भव्य आयोजन —  पोस्टर का विमोचन

कोटा, 02 मई। श्री आदिनाथ दिगंबर जैन पुण्योदय अतिशय क्षेत्र, नसियां जी, दादाबाड़ी, कोटा में वृहद सामूहिक सम्यक ज्ञान एवं संस्कार शिक्षण शिविर के भव्य आयोजन की घोषणा के साथ ही शिविर के फ्लेक्स (पोस्टर) का विधिवत् विमोचन किया गया। यह आयोजन संत शिरोमणि श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य एवं तीर्थ प्रवर्तक, निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव 108 श्री सुधा सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद में संपन्न होगा।

पुण्योदय अध्यक्ष जम्बू जैन सर्राफ ने बताया कि यह शिविर 21 मई से 28 मई 2026 तक आयोजित किया जाएगा। आयोजन श्री दिगंबर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान, सांगानेर (जयपुर) एवं पुण्योदय अतिशय क्षेत्र नसियां जी, दादाबाड़ी कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में पूरे कोटा शहर के ज्ञान-पिपासुओं हेतु सम्यक ज्ञान एवं संस्कारों के प्रवाह के उद्देश्य से किया जा रहा है।

निदेशक हूकम जैन काका ने बताया कि इस शिविर में करुणानुयोग के मर्मज्ञ विद्वान विद्वत्श्री आलोक जी मोदी (ललितपुर), पारस जी शास्त्री “आदीश्वर”, विद्वान दीपांशु जी, वि. हेमंत जी, शुभम जी, अभिषेक जी सहित अन्य विद्वानों द्वारा लगभग नौ कक्षाएँ संचालित की जाएँगी। शिक्षण कार्य प्रातः, दोपहर, एवं सायं सत्रों में होगा।

महामंत्री महेंद्र कासलीवाल ने कहा कि प्रारूपक के रूप में सौरभ सिद्धार्थ शास्त्री (कोटा) महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। शिविर के मुख्य संयोजन में धर्मचंद जैन धनोप्या एवं अर्चना (रानी) जैन सर्राफ सक्रिय रूप से व्यवस्थाएँ देख रहे हैं।

मनीष मोहिवाल ने बताया कि शिक्षण विषयों में जैन दर्शन के मूल ग्रंथ—छहढाला, द्रव्यसंग्रह, कुंदकुंद का कुन्दन + भक्तामर स्तोत्र, जैन सिद्धांत प्रवेशिका , तत्वार्थ सूत्र एवं गोम्मटसार जीवकाण्ड, बालबोध भाग 1 एवं 2—के माध्यम से जैन सिद्धांतों का सरल, सहज एवं व्यवहारिक ज्ञान प्रदान किया जाएगा।

जयप्रकाश सबदरा,मनोज बगडा, पाठशाला संयोजिकाओं ने बताया कि विशेष रूप से बाल डिजिटल क्लास इस शिविर का मुख्य आकर्षण रहेगी, जिसमें 3 वर्ष से अधिक आयु के बालक-बालिकाएँ भाग लेंगे। बड़ी डिजिटल स्क्रीन एवं प्रोजेक्टर के माध्यम से धार्मिक कहानियों, कविताओं एवं गीतों द्वारा खेल-खेल में धर्म शिक्षा दी जाएगी।

उपाध्यक्ष सुमित सेंकी व जयदीप अनोपड़ा ने कहा कि शहर की विभिन्न कॉलोनियों एवं जैन मंदिरों से स्वाध्याय प्रेमियों को लाने-ले जाने हेतु आवश्यकता अनुसार वाहन व्यवस्था की जाएगी। सभी शिक्षण सामग्री एवं स्टेशनरी किट आयोजकों द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।

समस्त दादाबाड़ी महिला मंडलों ने घोषणा की कि महिला मंडलों की कार्यक्रमों में पूर्ण भागीदारी रहेगी। ज्ञान कलश स्थापना के मुख्य शिविर पुण्यार्जक श्रीमान पदम जी, राजेंद्र जी, हूकम जी, काका प्रकाश जी प्रतीक हरसोरा परिवार द्वारा फ्लेक्स (पोस्टर) का विमोचन किया गया एवं सभी से अधिकाधिक संख्या में शिविर में सहभागी होकर ज्ञानार्जन का लाभ लेने का आह्वान किया गया।

कानूनी सलाहकार हूकमचंद जैन ने कहा कि यह सामूहिक सम्यग्ज्ञान शिविर 3 वर्ष के बालकों से लेकर 70–80 वर्ष तक के महिला-पुरुषों के लिए एक अनुपम अवसर सिद्ध होगा, जहाँ सभी जैन सिद्धांतों को सरल भाषा में समझ सकेंगे।

प्रशासनिक मंत्री पारस दोराया एवं अशोक खादी ने बताया कि समस्त कानूनी व्यवस्था, नगर निगम, रोड लाइट एवं अन्य व्यवस्थाएँ प्रशासन के सहयोग से पूर्ण की जाएँगी।

अंत में पुण्योदय अतिशय नसियां जी के अध्यक्ष जम्बू जैन सर्राफ ने पुनः आश्वस्त किया कि कमेटी की ओर से शिविर को पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा तथा इसे प्रभावी एवं ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कोटा शहर के सभी श्रेष्ठियों, विद्वानों एवं ज्ञान-पिपासुओं से तन-मन-धन से सहयोग एवं सहभागिता की अपील की।

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