1000 महिलाएं करेंगी कलश यात्रा, 90 स्वागत द्वारों से होगा स्वागत
कोटा। समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर समस्त माली (सैनी) समाज, कोटा संभाग द्वारा इस वर्ष भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन किया जा रहा है। 10 अप्रैल को नांता चौराहा स्थित फुले प्रतिमा पर दीपदान व आकर्षक आतिशबाजी के साथ उत्सव का शुभारंभ हुआ, 101 दीप प्रज्वलित कर उनके विचारों को नमन किया गया। दीपों की रोशनी से पूरा वातावरण श्रद्धा और भक्ति से सराबोर हो उठा तथा उपस्थित समाजजनों ने उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।
भव्य शोभायात्रा आज:
11 अप्रैल को नयाखेड़ा से नांता तक विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी।
1000 महिलाओं की कलश यात्रा:
करीब 1000 महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर यात्रा में भाग लेंगी, जो आयोजन की विशेष पहचान बनेगी।
आकर्षक झांकियां:
महात्मा फुले के जीवन, उनके समाज सुधार कार्यों एवं शिक्षा के प्रति योगदान को दर्शाती कई जीवंत झांकियां शोभायात्रा में शामिल रहेंगी।
लोकनृत्य, भजन-कीर्तन, देशभक्ति गीत एवं समाज की प्रतिभाओं द्वारा विशेष प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
पूरे मार्ग में ड्रोन के माध्यम से पुष्पवर्षा की जाएगी, जिससे आयोजन और भी भव्य एवं आकर्षक बनेगा।
शोभायात्रा मार्ग पर लगभग 90 भव्य स्वागत द्वार बनाए गए हैं, जहां समाज के विभिन्न संगठनों एवं भामाशाहों द्वारा स्वागत जलपान विशेष व्यवस्था रहेंगी।
व्यापक तैयारियां:
संभागीय पदाधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों द्वारा जुलूस मार्ग का निरीक्षण कर साफ-सफाई, यातायात एवं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किया हे इस दौरान संभागीय अध्यक्ष महावीर सुमन, पार्षद राकेश पुटरा, लाटुर सैनी, जिला अध्यक्ष सत्यम सुमन, दीपक सुमन, शंकर जी सैनी,महावीर मार्बल ,सुरेश सुमन , विष्णु सैनी,निरंजन सैनी, वैभव सैनी, कन्हैया लाल सुमन, भरत राम सैनी,कमलेश सैनी देशराज सैनी,राजेंद्र सुमन, बद्रीलाल सुमन,बुजमोहन सैनी, देवराज सैनी, कमल सैनी, शिवराज सैनी, पिंटू सुमन, ओमप्रकाश सुमन, दिनेश सुमन, पुरण सुमन, चौथमल जी, महावीर धाकड़खेड़ी, डॉ हेमराज सुमन, कुलदीप सुमन,जितेंद्र सुमन, प्रेम बागड़ी, नरेंद्र सोलंकी, नरेंद्र चौहान, राकेश सुमन, जोंटी सैनी, विजय सैनी, बंटी सुमन उपस्थित रहे।
भारी जनसहभागिता:
उत्सव को लेकर समाजजनों में भारी उत्साह है और हजारों की संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।
यह आयोजन न केवल समाज की एकता का प्रतीक बनेगा, बल्कि महात्मा ज्योतिबा फुले के विचारों और उनके सामाजिक संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का भी सशक्त माध्यम साबित होगा।






