कोटा। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी बचनेश कुमार अग्रवाल ने कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) के आयुक्त पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। पदभार संभालने के तुरंत बाद उन्होंने प्राधिकरण के नवीन परिसर स्थित सभाकक्ष में अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की।
बैठक में आयुक्त ने प्राधिकरण के चल रहे प्रोजेक्ट्स, आगामी योजनाओं, वित्तीय स्थिति और पब्लिक सर्विस डिलीवरी की गहन समीक्षा की। उन्होंने अभियांत्रिकी शाखा को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्यों के लिए स्पष्ट समयसीमा तय की जाए और उन्हें गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा किया जाए। साथ ही, परियोजनाओं में आ रही बाधाओं को आपसी समन्वय से तुरंत दूर करने के निर्देश भी दिए।
आर्थिक स्थिति पर चर्चा करते हुए आयुक्त अग्रवाल ने कहा कि कोटा में विकास की अपार संभावनाएं हैं। आमजन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई आवासीय और व्यावसायिक योजनाएं तैयार की जाएं, जिससे राजस्व में वृद्धि हो सके।
उन्होंने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने और कार्यों में नवाचार को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। शहर में अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई, KDA की संपत्तियों पर अवैध कब्जे और चोरी के मामलों में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए। खाली भूखंडों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए भूखंड स्वामियों पर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
शहरवासियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आयुक्त ने रोड नेटवर्क सुधारने, बिजली-पानी की समस्याओं के समाधान में तेजी लाने और बजट घोषणाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने एरोसिटी प्रोजेक्ट, रानपुर और शंभूपुरा ग्रोथ सेंटर जैसे प्रमुख प्रोजेक्ट्स में तेजी लाने, राज संपर्क पर लंबित मामलों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने और ई-फाइल निपटान समय कम करने के निर्देश भी दिए।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि ‘गुड गवर्नेंस’ उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और भूमि अधिग्रहण जैसी समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से किया जाएगा।
समीक्षा बैठक के बाद आयुक्त ने अधिकारियों के साथ शंभूपुरा ग्रोथ सेंटर, एरोसिटी फेज-II RIICO, फेज-I और विकास पथ का भौतिक निरीक्षण किया और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
इस दौरान प्राधिकरण सचिव श्री मुकेश कुमार चौधरी, उपायुक्त हर्षित वर्मा, निदेशक इंजीनियरिंग रवींद्र माथुर, निदेशक प्लानिंग भूपेश मालव, निदेशक विधि राजीव गर्ग, निदेशक वित्त डॉ. नीतू सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।






