कोटा। जवाहर सागर क्षेत्र में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नदी किनारे से लगभग 5 किलोमीटर दूर पहाड़ी पर एक करीब 2 फीट लंबा मगरमच्छ घूमता हुआ मिला। इस अनोखी घटना ने वन विभाग के अधिकारियों और वन्यजीव विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया।
वाइल्डलाइफ विशेषज्ञ आदिल सैफ ने बताया कि जवाहर सागर से लौटते समय सड़क पर उन्हें एक छोटा मगरमच्छ चलता हुआ दिखाई दिया। हैरानी की बात यह थी कि आसपास न कोई तालाब था और न ही कोई अन्य जलस्रोत। उन्होंने अपने साथी मोहम्मद शाहरुख की मदद से मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू किया और इसकी सूचना क्षेत्रीय वन अधिकारी राजपाल शर्मा को दी।
सूचना मिलते ही रेंजर राजपाल शर्मा ने वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा। टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित कब्जे में लेकर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया।
आदिल सैफ के अनुसार, मगरमच्छ कई बार भोजन की तलाश में या बड़े मगरमच्छों से क्षेत्रीय संघर्ष के कारण एक जलस्रोत से दूसरे जलस्रोत की ओर निकल जाते हैं। हालांकि, किसी मगरमच्छ का पूरी पहाड़ी चढ़कर नदी से 4–5 किलोमीटर दूर पहुंचना बेहद दुर्लभ घटना है।
रेंजर राजपाल शर्मा ने भी बताया कि उनके कार्यकाल में नदी से इतनी दूर मगरमच्छ मिलने का यह पहला मामला है। यह घटना वन्यजीवों के व्यवहार को लेकर एक नया और रोचक उदाहरण मानी जा रही है।






