कोटा/मयूर टाइम्स न्यूज़ (mayurtimesnews.in) प्रबंधन द्वारा सर्वसाधारण, सम्मानित दर्शकों, विज्ञापकों और मीडिया जगत को सूचित किया जाता है कि इंदिरा मार्केट निवासी श्याम सुंदर शर्मा, जो अक्टूबर 2025 से चैनल में सहयोगी के रूप में कार्य कर रहे थे, उन्हें तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया गया है। चैनल के बार-बार समझाने के बावजूद अनुशासनहीनता और संस्थान की छवि को नुकसान पहुँचाने के कारण प्रबंधन को यह सख्त कदम उठाना पड़ा है।
धैर्य और चेतावनी के बाद भी जारी रही मनमानी
चैनल प्रबंधन के अनुसार, श्याम सुंदर शर्मा पिछले एक महीने से अधिक समय से अपनी मनमानी पर उतारू थे। उन्हें लगातार समझाया जा रहा था कि चैनल की नीतियों के तहत किस प्रकार कार्य करना है। इसके बावजूद, वे मयूर टाइम्स न्यूज़ की आईडी का दुरुपयोग करते हुए अन्य मीडिया संस्थानों के लिए भी कार्य कर रहे थे। पत्रकारिता के नियमों का उल्लंघन करते हुए, वे ग्राउंड से कवर किए गए वीडियो मुख्य चैनल (मयूर टाइम्स न्यूज़) को देने में आनाकानी करते थे और सामग्री को छुपाने का प्रयास करते थे।
सुधार का मौका दिया, पर किया विश्वासघात
संस्थान ने उनके प्रति नरमी बरतते हुए करीब एक सप्ताह पहले उनसे चैनल का माइक वापस लिया और उन्हें आखरी बार नियमों के दायरे में रहकर काम करने की हिदायत दी। अगले दिन वे फिर से चैनल के लिए काम करने लगे, जिससे लगा कि वे सुधर चुके हैं। लेकिन जल्द ही कई विश्वसनीय सूत्रों से पता चला कि वे मयूर टाइम्स न्यूज़ के नाम पर रिकॉर्ड किए गए वीडियो को अन्य मीडिया प्लेटफॉर्म्स और अपने व्यक्तिगत सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगातार शेयर कर रहे थे, वह भी मुख्य चैनल को देने से पहले।
शनिवार को लिया गया था एक्शन, लेकिन फेसबुक पोस्ट से शुरू की बदनामी

फेसबुक पर जारी की गई पोस्ट
शर्मा के इस असहयोगपूर्ण और गैर-पेशेवर रवैये को देखते हुए, बीते शनिवार को प्रबंधन ने सख्त कदम उठाते हुए उनकी चैनल आईडी, डिवाइस और प्रेस आईडी कार्ड को वापस जमा करवा लिया था और उन्हें चैनल की जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया था।

श्याम सुन्दर सुंदर शर्मा द्वारा सभी मीडिया ग्रुप में व्हाट्सएप मैसेज भेजा गया बदनामी के लिए
संस्थान उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस मामले को सार्वजनिक नहीं करना चाहता था ताकि वे स्वतंत्र रूप से कहीं भी काम कर सकें। लेकिन श्याम सुंदर शर्मा ने खुद ही फेसबुक पर भ्रामक और सार्वजनिक पोस्ट साझा कर दी। इसके बाद भी चैनल ने धैर्य बनाए रखा और कोई जवाबी बयान जारी नहीं किया।
चैनल की बदनामी करने पर अब रात में ली गई सख्त कार्रवाई

चैनल से मुक्त होने और संस्थान की खामोशी का फायदा उठाकर श्याम सुंदर शर्मा लगातार मयूर टाइम्स न्यूज़ की छवि को धूमिल करने और बाजार में बदनामी फैलाने का प्रयास कर रहे थे। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए और चैनल के व्यावसायिक हितों व साख की रक्षा के लिए, कल रात प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाते हुए इस डिजिटल सूचना को सार्वजनिक रूप से प्रसारित करने का निर्णय लिया है
आम जनता, व्यापारियों और विज्ञापकों के लिए जरूरी निर्देश:
1. कोई संबंध नहीं:अब श्याम सुंदर शर्मा का mayurtimesnews.in से कोई वास्ता नहीं है।
2. आईडी/लोगो का उपयोग प्रतिबंधित:उनके पास मयूर टाइम्स न्यूज़ का कोई माइक, लोगो, आईडी कार्ड या डिवाइस नहीं है। यदि वे इसका इस्तेमाल करते पाए जाते हैं, तो वह कानूनी रूप से अपराध होगा।
3. लेन-देन के लिए स्वयं जिम्मेदार: कोई भी व्यक्ति, नेता, या व्यापारी न्यूज़ कवरेज, इंटरव्यू या विज्ञापनों के लिए उनसे मयूर टाइम्स न्यूज़ के नाम पर संपर्क न करे। उनके साथ किए गए किसी भी प्रकार के वित्तीय या मौखिक वादों के लिए चैनल जिम्मेदार नहीं होगा।

इसके बाद भी नहीं मानने तो क्या हो सकती है कार्रवाई और क्या है ? नियम जानिए
यदि किसी न्यूज़ चैनल में कार्यरत संवाददाता (Reporter/Correspondent) चैनल की गोपनीय जानकारी या संगठन की निजता का उल्लंघन करता है, तो उस पर निम्न प्रकार के नियम और कार्रवाई लागू हो सकती है:
रोजगार अनुबंध (Employment Contract): यदि नियुक्ति पत्र या अनुबंध में गोपनीयता (Confidentiality) का प्रावधान है, तो उसका उल्लंघन अनुशासनात्मक कार्रवाई का आधार बन सकता है।
सेवा नियम (Service Rules): चैनल कर्मचारी को चेतावनी, निलंबन, सेवा समाप्ति (Termination) या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकता है।
डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (Digital Personal Data Protection Act, 2023): यदि संवाददाता ने किसी व्यक्ति का व्यक्तिगत डेटा या संवेदनशील जानकारी का दुरुपयोग किया है, तो कानूनी परिणाम हो सकते हैं।
भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 एवं अन्य लागू कानून: यदि गोपनीय दस्तावेज़ों की चोरी, अनधिकृत साझा करना, मानहानि, धोखाधड़ी या आपराधिक विश्वासघात जैसी स्थिति बनती है, तो मामला दर्ज हो सकता है।
पत्रकारिता की आचार संहिता: पत्रकार से अपेक्षा की जाती है कि वह अपने संस्थान की गोपनीय व्यावसायिक जानकारी, स्रोतों की पहचान और अप्रकाशित सामग्री का अनधिकृत खुलासा न करे।
यदि संवाददाता ने:
चैनल के आंतरिक दस्तावेज़ या रणनीति लीक की,
बिना अनुमति वीडियो, ऑडियो या दस्तावेज़ साझा किए,
चैनल के स्रोतों या गोपनीय जानकारी का खुलासा किया,
तो चैनल आंतरिक जांच के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकता है और आवश्यकता होने पर दीवानी (Civil) या आपराधिक (Criminal) कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर सकता है।
प्रबंधन
मयूर टाइम्स न्यूज़ (mayurtimesnews.in)
दिनांक: 08/07/2026





