Sunday, April 12, 2026
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कोटा के विकास का रोडमैप: विधायक संदीप शर्मा को भेंट की गई ‘कोटा लैंड बैंक’ पुस्तक

कोटा/कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) की भूमि संपदा पर आधारित और शहर के सुनियोजित विकास का रोडमैप प्रस्तुत करने वाली महत्वपूर्ण पुस्तक “कोटा लैंड बैंक: विश्लेषण और अवसर” कोटा दक्षिण के विधायक संदीप शर्मा को भेंट की गई।

इस पुस्तक का लेखन एवं संपादन केडीए के राजस्व सलाहकार परमानन्द गोयल द्वारा किया गया है। यह उनकी आठवीं पुस्तक है।

इस अवसर पर सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय के देवेन्द्र सिंह चौहान, अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के जिला कोटा महामंत्री रमेशचंद्र गोयल, न्यू कोटा इंटरनेशनल सोसाइटी के के. शर्मा ‘कमल’, राजीव गांधी नगर ऑक्सीजोन विकास समिति के अध्यक्ष प्रतीक गोयल, महासचिव हिम्मत सिंह ‘बालूपा’, युवा उद्यमी अनुपम गुप्ता और उद्यमी विशाल वर्मा सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

पुस्तक में केडीए के अंतर्गत आने वाले लगभग 8,000 रिक्त भूखण्डों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है, जिनकी अनुमानित वर्तमान कीमत लगभग 2900 करोड़ रुपये आंकी गई है। लेखक ने सुझाव दिया है कि यदि इन भूखण्डों का सुनियोजित उपयोग, आवंटन एवं नीलामी की जाए, तो आगामी तीन वित्तीय वर्षों में करीब 1000 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया जा सकता है।

विकास को मिलेगी नई गति

प्रस्तावित राजस्व से शहर के अविकसित क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, बेहतर कनेक्टिविटी तथा पर्यटन विकास जैसी परियोजनाएं बिना अतिरिक्त ऋण भार के पूरी की जा सकेंगी, जिससे कोटा के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

आमजन और निवेशकों के लिए उपयोगी

यह पुस्तक नीति-निर्माताओं, निवेशकों और आम नागरिकों के लिए समान रूप से उपयोगी है। इसमें हाड़ौती क्षेत्र के समेकित विकास के लिए ‘त्रि-कोरिडोर मॉडल’ को विज़न डॉक्यूमेंट के रूप में प्रस्तुत किया गया है। साथ ही संपत्ति क्रय-विक्रय को सरल बनाने हेतु व्यावहारिक सुझाव, केस स्टडी और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) शामिल किए गए हैं।

इसके अतिरिक्त भूमि प्रबंधन की चुनौतियों एवं संपत्ति के मनोविज्ञान पर भी गहन विश्लेषण किया गया है।

लेखक परमानन्द गोयल ने स्पष्ट किया है कि पुस्तक में दी गई जानकारी उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है, किन्तु किसी भी संपत्ति संबंधी अंतिम निर्णय के लिए केडीए के आधिकारिक अभिलेखों एवं भौतिक सत्यापन को ही प्रामाणिक माना जाना चाहिए।

इससे पूर्व गोयल “संसद विजिट – यादें”, “पांच साल बेमिसाल”, “कोटा टूरिज्म” एवं “हाड़ौती गौरव सम्मान 2026” सहित कई चर्चित पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं।

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