भारत सिंह चौहान
आगामी तीन वर्षों में 1000 करोड़ राजस्व अर्जन का रोडमैप प्रस्तुत
कोटा/कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) की भूमि संपदा पर आधारित महत्वपूर्ण पुस्तक “कोटा लैंड बैंक: विश्लेषण और अवसर” केडीए सचिव मुकेश कुमार चौधरी को भेंट की गई। पुस्तक के लेखक एवं संपादक केडीए के राजस्व सलाहकार परमानन्द गोयल हैं। यह उनकी आठवीं पुस्तक है।
पुस्तक में केडीए के लगभग 8,000 रिक्त भूखण्डों का विस्तृत संकलन किया गया है, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 2900 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि इन भूखण्डों में से आगामी तीन वित्तीय वर्षों में लगभग 1000 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया जा सकता है।ह राजस्व शहर के अविकसित क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, बेहतर कनेक्टिविटी, पर्यटन विकास एवं अन्य परियोजनाओं को बिना अतिरिक्त ऋण भार के गति देने में सहायक होगा। इससे कोटा के समग्र विकास और जन अपेक्षाओं की पूर्ति को नई दिशा मिलेगी।
पुस्तक की प्रमुख विशेषताएं:
• भूमि संपदा के प्रभावी उपयोग, आवंटन एवं नीलामी पर व्यावहारिक सुझाव
• आमजन के लिए केस स्टडी, उदाहरण एवं FAQs के माध्यम से मार्गदर्शन
• हाड़ौती क्षेत्र के विकास हेतु अभिनव “त्रि-कोरिडोर मॉडल” का प्रस्तुतीकरण
• भूमि प्रबंधन, भविष्य की संभावनाओं एवं निवेश व्यवहार पर गहन विश्लेषण
लेखक परमानन्द गोयल ने बताया कि पुस्तक में दी गई जानकारी उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है तथा किसी भी संपत्ति के अंतिम निर्णय हेतु प्राधिकरण के आधिकारिक अभिलेख एवं भौतिक सत्यापन ही मान्य होंगे।
यह पुस्तक नीति-निर्माताओं, शहरी योजनाकारों, विभागों , निवेशकों, उद्यमियों एवं आम नागरिकों के लिए उपयोगी मार्गदर्शिका सिद्ध होगी।
इससे पूर्व परमानन्द गोयल “संसद विजिट – यादें”, “पांच साल बेमिसाल”, “कोटा टूरिज्म – विजिट कोटा यादगार कोटा”, “विचारों की उड़ान” एवं “हाड़ौती गौरव सम्मान 2026” सहित कई पुस्तकों का सफल लेखन एवं संपादन कर चुके हैं।






