-बिगुल जैन
सुशील -सौरभ व मेहर मंदाकिनी का हुआ लोकार्पण
कोटा/चम्बल साहित्य संगम एवं सुशील परिवार द्वारा सुशील फार्म ताथेड़, कोटा में उत्कृष्ट साहित्य सेवाओं के लिए वरिष्ठ साहित्यकार मुकुट मणिराज व बद्रीलाल दिव्य को प्रथम ‘श्री मन्नालाल सुशील स्मृति साहित्य श्री सम्मान-2026’ से शॉल,साफा,श्रीफल,सम्मान -पत्र सम्मान राशि तथा स्मृति चिन्ह देकर नवाजा गया।
महासचिव कवि हलीम आईना ने बताया कि प्रथम सत्र में सम्मान के पश्चात द्वितीय सत्र में डॉ. चन्द्रशेखर सुशील के व्यक्तित्व व कृतित्व पर स्व.धन्नालाल सुमन द्वारा रचित सुशील-सौरभ (परिचयात्मक खण्ड काव्य )तथा बद्रीलाल दिव्य द्वारा सम्पादित मेहर मन्दाकिनी(साझा काव्य संकलन)का लोकार्पण हुआ।समारोह के मुख्य अतिथि जय सिंह आशावत(नैनवाँ )ने कहा कि -‘पितृ ऋण चुकाने वालों को उनका आशीर्वाद अवश्य मिलता है।’ अध्यक्षता कर रहीं प्रो. (डॉ.)अनिता वर्मा ने कहा कि -‘साहित्य हमारी अमूल्य धरोहर है।’विशिष्ट अतिथि महेन्द्र नेह का कहना था -‘युग करवट बदल रहा है इस बात को समझने की महती आवश्यकता है।’ जितेन्द्र निर्मोही का कहना था -‘साहित्यकारों का सम्मान अश्वमेघ यज्ञ के समान है।’ गिरिराज मेहरा ने कहा कि-‘साहित्य लेखन भी समाज सेवा ही है।’संचालन कवि हलीम आईना व सत्येन्द्र वर्मा ने किया। सरस्वती वंदना किशन वर्मा ने की।मुकुट मणिराज पर पत्रवाचन ममता महक ने तथा बद्रीलाल दिव्य पर जगदीश भारती ने किया।डॉ. धन्नालाल सुमन का लेखक परिचय रामकरण प्रभाती ने दिया।इस अवसर पर स्व. डॉ. धन्नालाल सुमन की पत्नी उर्मिला सुमन, प्रो.राधेश्याम मेहर की पत्नी नीलम मेहर तथा शिव फाँक्या की पत्नी संतोष मेहरा का भी सम्मान किया गया।सम्मान पत्रों का वाचन राजेन्द्र पंवार व महावीर मेहरा ने किया।
सुशील -सौरभ पर मुख्य वक्तव्य योगेश यथार्थ व मेहर मन्दाकिनी पर डॉ. रामावतार सागर ने दिया। इस अवसर पर मेहर मन्दाकिनी में शामिल सभी कवियों का सम्मान किया गया।धन्यवाद ज्ञापन द्रोपदी मेहर ने किया।










