जितेंद्र कुमार शर्मा
बारां,21 मार्च। केशोरायपाटन (जिला बूंदी) से विधायक सी.एल. प्रेमी बैरवा ने शाहबाद क्षेत्र में प्रस्तावित वृहत स्तर पर वृक्ष कटाई को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस संबंध में माननीय नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
विधायक बैरवा ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि राजस्थान के शाहबाद (जिला बारां) में एक निजी कंपनी द्वारा विद्युत भंडारण परियोजना के नाम पर लगभग 407 हेक्टेयर वन भूमि का डायवर्जन किया गया है। सरकारी रिकॉर्ड में जहाँ 1.19 लाख पेड़ों की कटाई दर्शाई गई है, वहीं वास्तविकता में छोटे-बड़े सभी पेड़ों की संख्या 2 लाख से अधिक बताई जा रही है। यह क्षेत्र कूनो नेशनल पार्क के निकट स्थित संवेदनशील वन क्षेत्र है, जहाँ इतनी बड़ी संख्या में वृक्षों की कटाई को मात्र 22 दिनों में स्वीकृति दिया जाना अत्यंत चिंताजनक है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि शाहबाद के प्राकृतिक जंगलों के स्थान पर वन विभाग को जैसलमेर जैसे दूरस्थ क्षेत्र में भूमि आवंटित करने का प्रस्ताव है, जो प्रकृति के संतुलन और स्थानीय पारिस्थितिकी के अनुकूल नहीं है। प्राकृतिक रूप से विकसित वन क्षेत्र को नष्ट कर मानव-निर्मित वन विकसित करना न तो प्रकृति के हित में है और न ही स्थानीय समुदायों के।
शाहबाद का जंगल समृद्ध जैव विविधता का केंद्र है, जहाँ 600 से अधिक प्रकार के औषधीय पौधे पाए जाते हैं तथा अनेक संरक्षित वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है। जंगल का अस्तित्व समाप्त होने से वन्यजीवों का जीवन संकट में पड़ेगा, मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ेगा, जलवायु संतुलन बिगड़ेगा और स्थानीय निवासियों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
विधायक बैरवा ने पत्र में यह भी रेखांकित किया है कि जहाँ एक ओर “एक पेड़ माँ के नाम” जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई सरकार की पर्यावरणीय प्रतिबद्धताओं के विपरीत संदेश देती है।
उन्होंने बताया कि शाहबाद घाटी के अस्तित्व को बचाने के लिए पर्यावरण प्रेमियों के साथ-साथ स्थानीय हाड़ौती क्षेत्र के लोग भी लामबंद हो रहे हैं। जनभावनाओं और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री से इस परियोजना पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश देने का आग्रह किया है।









