Tuesday, April 21, 2026
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स्वदेशी मेले में दिखेगी,अपनी सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपराओं क वैभव 

-भारत सिंह चौहान

कोटा। हिंदू नववर्ष के पावन अवसर पर 19 व 20 मार्च को कोटा के दशहरा मैदान में दो दिवसीय भव्य स्वदेशी मेले का आयोजन हिंदू नववर्ष आयोजन समिति के द्वारा किया जाएगा। इस मेले में भारतीय संस्कृति, परंपरा और स्वदेशी जीवनशैली को प्रदर्शित करने वाले अनेक कार्यक्रम और गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। वहीं स्वदेशी मेले का समापन पर प्रशिद्ध भजन गायिका गीता रैबारी की भजन संध्या से 20 मार्च को होगा।

स्वदेशी मेला समिति के संयोजक प्रमोद राठौर के नेतृत्व में सह संयोजक प्रो नारायण हेड़ा, सुनीता जौली, नितिन अग्रवाल,मुकेश विजय आदि युद्धस्तर पर तैयारीयों में जुटे हुये हैँ। वहीं 20 मार्च को आयोजित भजन संध्या समिति संयोजक पंकज मेहता, सह संयोजक किसन पाठक और राजेंद्र खंडेलवाल के नेतृत्व में गुजरात की सुप्रशिद्ध भजन गायिका गीता रेबारी की भजन संध्या को अंतिमरूप दे दिया गया है। प्रचार प्रसार हेतु जनसंपर्क किया जा रहा है। स्वदेशी मेला आयोजन को आकर्षक और जनभागीदारी से भरपूर बनाने के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

मेले में शहर के विभिन्न स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जो भारतीय परंपरा और लोक संस्कृति की झलक प्रस्तुत करेंगी। इसके साथ ही बैंड वादन प्रतियोगिता भी आयोजित होगी, जिसमें विभिन्न दल अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। पुष्प प्रदर्शनी के माध्यम से विभिन्न प्रकार के फूलों की सुंदरता और बागवानी की झलक देखने को मिलेगी, वहीं पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कुश्ती दंगल, मटकी फोड़ प्रतियोगिता और कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त पारंपरिक भारतीय व्यायाम पद्धति मलखंभ का विशेष प्रदर्शन भी मेले का आकर्षण रहेगा।

मेले में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा खाद्य स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां पारंपरिक व्यंजन और स्थानीय खाद्य पदार्थ उपलब्ध रहेंगे। साथ ही स्वदेशी उत्पादों की स्टॉल, गो-उत्पादों की स्टॉल और भारतीय संस्कृति से जुड़े साहित्य की स्टॉल भी लगाई जाएंगी, जिससे आगंतुकों को स्वदेशी उत्पादों और विचारों से परिचित होने का अवसर मिलेगा।

इसके अतिरिक्त मेले में सनातन कॉर्नर, मेहंदी कॉर्नर और ज्योतिष कॉर्नर भी स्थापित किए जाएंगे, जहां आगंतुकों को भारतीय परंपराओं से जुड़ी विविध गतिविधियों का अनुभव मिलेगा। बच्चों और परिवारों के मनोरंजन के लिए झूलों की व्यवस्था भी रहेगी। महिलाओं और युवाओं की सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए रंगोली और मांड़ना प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।

मेले में वंशावली प्रदर्शनी के माध्यम से पारंपरिक वंश परंपराओं की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ वर्षों की यात्रा और कार्यों को दर्शाने वाली विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। कार्यक्रम के दौरान हवन-यज्ञ का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु सहभागी बन सकेंगे।

मेला समिति के अनुसार इस स्वदेशी मेले का उद्देश्य समाज को अपनी परंपराओं, संस्कृति और स्वदेशी जीवन मूल्यों से जोड़ना है। आयोजन समिति ने नागरिकों से अपील की है कि वे परिवार सहित मेले में पहुंचकर नववर्ष के इस उत्सव का आनंद लें और स्वदेशी उत्पादों तथा भारतीय सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहन

 

 

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