Saturday, April 18, 2026
IMG-20260122-WA0067
previous arrow
next arrow

Top 5 This Week

Related Posts

कोटा बना द्वारकापुरी: धूमधाम से संपन्न हुआ श्री कृष्ण-रुक्मणी विवाह, गूंजी शहनाइयां

कोटा बना द्वारकापुरी: धूमधाम से संपन्न हुआ श्री कृष्ण-रुक्मणी विवाह, गूंजी शहनाइयां

कोटा / अवंतिका (उज्जैन) की पावन भूमि से पधारीं अंतर्राष्ट्रीय भागवताचार्य आदरणीय दीदी श्रीजी के सानिध्य में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन आज कोटा का ‘गीता भवन’ साक्षात द्वारकापुरी में परिवर्तित हो गया। ‘वीरांगना कन्या संस्कार केंद्र’ द्वारा आयोजित इस महोत्सव में आज भगवान श्री कृष्ण और माता रुक्मणी का मंगल विवाह उत्सव अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

अतिथियों का हुआ भव्य अभिनंदन

आज की कथा के विशेष सत्र में गीता भवन प्रबंध समिति के पदाधिकारियों और समाज सेवा में अग्रणी मातृशक्तियों का भव्य सम्मान किया गया। आयोजन समिति द्वारा मुख्य अतिथियों को माला, गीता जी और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके योगदान की सराहना की गई। सम्मानित अतिथियों में सम्मिलित रहे:

गोवर्धन लाल जी खंडेलवाल (अध्यक्ष, गीता भवन, कोटा),रामेश्वर प्रसाद जी विजय (मंत्री, गीता भवन, कोटा),महाराज श्री अग्रसेन सोशल ग्रुप की मातृशक्ति का वंदन महिला सशक्तिकरण और संस्कारों के प्रचार-प्रसार के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए ‘महाराज श्री अग्रसेन सोशल ग्रुप’ (कोटा संभाग) की विशिष्ट मातृशक्तियों को ‘वीरांगना महिला सम्मान’ प्रदान किया गया। सम्मानित होने वाली वीरांगनाओं में श्रीमती रेनू गोयल, पुष्पा गर्ग, ज्योति मित्तल, कमलेश गोयल, मोनिका, बिना अग्रवाल, उषा अग्रवाल, धर्मवती मित्तल, संगीता गर्ग, भारती, नीति मित्तल और सपना गोयल शामिल रहीं।

दीदी श्रीजी का संदेश: आदर्श गृहस्थ और संस्कारित राष्ट्र

कथा व्यास दीदी श्रीजी ने विवाह प्रसंग की व्याख्या करते हुए कहा कि— “रुक्मणी और कृष्ण का विवाह साक्षात श्रद्धा और विश्वास का मिलन है। आज की युवा पीढ़ी को अपने जीवन में मर्यादा और संस्कारों को स्थान देना चाहिए।” उन्होंने नशामुक्ति का आह्वान करते हुए कहा कि एक व्यसनमुक्त समाज ही स्वस्थ राष्ट्र की नींव रख सकता है। साथ ही, उन्होंने जहरमुक्त खेती के माध्यम से धरती मां की सेवा करने का संदेश दिया।

भक्ति और नृत्य की बयार

जैसे ही पांडाल में कृष्ण-रुक्मणी विवाह का प्रसंग आया, पूरा परिसर पुष्प वर्षा और जयकारों से गूँज उठा। श्रद्धालु बैंड-बाजों की धुन पर झूम उठे और भगवान की आरती कर नजर उतारी गई।

कल का विशेष आकर्षण: शोभा यात्रा और विश्राम दिवस

आयोजन समिति ने सूचना दी कि कल, 13 मार्च को कथा का विश्राम दिवस है। इस अवसर पर सुबह सामाजिक समरसता महायज्ञ की पूर्णाहूति होगी और दोपहर में भव्य विश्राम शोभा यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें कोटा की जनता भागवत पोथी का पूजन कर नगर भ्रमण करेगी। यह समाचार धर्मप्रेमी समाजसेवी अरुण भार्गव द्वारा प्राप्त हुई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles