कोटा। गोस्वामी समाज के राष्ट्रीय महामंत्री हंसराज गोस्वामी ने विशेष बातचीत में गौ रक्षा और संत समाज से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य मुक्तानंद जी कई वर्षों से गौ माता को राष्ट्रीय स्तर पर दर्जा दिलाने के लिए आंदोलन चला रहे हैं। उनके अनुसार, गौ माता को “राष्ट्रीय माता” घोषित करने की मांग को लेकर लगातार आवाज उठाई जा रही है और इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार को अल्टीमेटम भी दिया गया था।
हंसराज गोस्वामी ने आरोप लगाया कि संत समाज की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है और झूठे मुकदमों के जरिए आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि भारत में परंपरागत रूप से चार शंकराचार्य पीठ हैं और उनके अतिरिक्त कोई भी स्वयं को शंकराचार्य बताता है तो वह मान्य नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गौ माता हिंदू समाज की आस्था का केंद्र है। “गौ माता में 36 करोड़ देवी-देवताओं का वास माना जाता है। यह केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विषय भी है,” उन्होंने कहा।
गोस्वामी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संतों को बदनाम करने या उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया गया तो गोस्वामी समाज चुप नहीं बैठेगा। जरूरत पड़ी तो व्यापक प्रदर्शन और जन आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित कर संत समाज की भावनाओं का सम्मान किया जाए।





