कोटा |देहदानी स्वर्गीय प्रेम सिंह परिहार के देहदान एवं नेत्रदान के लिए उनकी स्मृति में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आनंद अकादमी समिति द्वारा संचालित अमिता भार्गव स्मृति संस्थान एवं आनंद अकादमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की ओर से सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
स्वर्गीय प्रेम सिंह परिहार के वरिष्ठ पुत्र सत्यव्रत परिहार की पगड़ी रस्म के अवसर पर उपस्थित परिजनों के समक्ष उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष अरुण भार्गव, निदेशक आकाश भार्गव, वरिष्ठ नागरिक संस्थान अध्यक्ष टी पी एस सेठी, अखिल भारतीय कौशिक गायत्री परिवार के प्रधान संचालक यज्ञ दत्त हाडा तथा समाजसेवी मनोज यादव उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में स्वर्गीय प्रेम सिंह परिहार के जीवन व्रत को स्मरण करते हुए सम्मान प्रतीक का वाचन किया गया तथा उनकी धर्मपत्नी को भी सम्मान प्रतीक भेंट किया गया।
इस अवसर पर अरुण भार्गव ने कहा कि देहदान और नेत्रदान से भावी चिकित्सकों को प्रशिक्षण में अत्यंत सहायता मिलती है। यज्ञ दत्त हाडा ने कहा कि शरीर नश्वर है, यदि यह किसी के काम आ जाए तो इससे बड़ा दान हमारी संस्कृति में नहीं है। टी पी एस सेठी ने देहदान की उपलब्धता और उसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
आकाश भार्गव एवं मनोज यादव ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए परिवार की इस महान पहल की सराहना की। वहीं परिवार की ओर से सत्यव्रत परिहार ने उपस्थित सभी जनों एवं स्मृति संस्थान का आभार व्यक्त किया।इस कार्यक्रम की जानकारी स्मृति संस्था के निदेशक आकाश भार्गव द्वारा दी गई।






