Tuesday, April 21, 2026
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प्रखर राष्ट्रवादी मोदी सरकार को अस्थिर करने के,विदेशी षड्यंत्रों से देश को सतर्क रहना होगा — अरविन्द सिसोदिया

कोटा। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी अरविन्द सिसोदिया ने देशवासियों का ध्यान छल-कपट, झूठ,भ्रामकता और अराजकतावादी राजनीति षड्यंन्त्रों की ओर आकर्षित किया है।

सिसोदिया कहा कि ” हाल ही में भारत की संसद में योजनाबद्ध तरीके से आराजकता उत्पन्न की गईं, संसद की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाले व्यवधानों और हंगामे को कुछ राजनीतिक दलों द्वारा प्रायोजित किये गया है। जो कि भारतीय लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का कुप्रयास है । इसी तरह विपक्ष के कुछ नेतागण लगातार “टैरिफ समझौते” को लेकर भी झूठा नैरेटिव गढ़ा जा रहा है। उसे भारत विरोधी और किसान विरोधी बताया जा रहा है। जनता को भ्रमित कर सरकार के विरुद्ध वातावरण बनाने की साजिश रची जा रही है, झूठ पर आधारित आंदोलन खडे करने के प्रयास हो रहे हैँ। जिससे देशवासियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।”

सिसोदिया नें कहा कि “जबकि सच्चाई यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में होने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय समझौते भारत के दीर्घकालिक आर्थिक हित, आत्मनिर्भरता और घरेलू उद्योगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही किए जाते हैं। “

सिसोदिया ने कहा कि “हाल के वर्षों में प्रखर राष्ट्रवादी एवं विकासशील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध सुनियोजित तरीके से षड्यंत्रपूर्ण गतिविधियां निरंतर संचालित हो रही हैं। झूठे और भ्रामक आंदोलनों, अभियानों और आरोपों की एक पूरी श्रृंखला देखने को मिल रही है, जिनका उद्देश्य केवल राष्ट्रहित चिंतक सरकार का विरोध करना मात्र नहीं, बल्कि भारत की संप्रभुता, सांस्कृतिक पहचान और राजनीतिक स्थिरता को कमजोर करना है।”

उन्होंने कहा कि, “जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की सत्ता संभाली है, तब से ही विदेशी शक्तियों के हितचिंतक राजनेता छटपटा रहे हैं और उन्हें पद से हटाने के लिए निरंतर झूठे, महाझूठे और आराजक षड्यंत्र रचते रहते हैं। इनसे देश को सावधान रहना होगा।”

सिसोदिया ने कहा कि, “जिस पार्टी ने दूसरे देश की पार्टी से अनुबंधन किया है, वह अपने सरेंडर पर चुप रहती है और भारत के हितचिंतक के विरुद्ध सरेंडर-सरेंडर चिल्लाती रहती है। जिस पार्टी ने चीन के साथ गुप्त समझौता किया हो, वह भारत के लिए हमेशा संदिग्ध ही रहेगी। ऐसी पार्टी से सावधान रहना देश का कर्तव्य है।”

उन्होंने कहा कि, “प्रधानमंत्री मोदी के देशहित के तमाम प्रमुख कार्यक्रमों के विरुद्ध झूठ पर आधारित अराजक, आंदोलन खड़े किए गए। नागरिकता संशोधन कानून के विरुद्ध आंदोलन में कानून को गलत तरीके से अल्पसंख्यक विरोधी बताकर देशभर में भ्रम फैलाया गया और लंबे समय तक शाहीन बाग आंदोलन चलाया गया, जबकि वैसा कुछ आज तक़ साबित नहीं हुआ। ”

सिसोदिया ने कहा कि, “भारत के किसानों को उन्नत करने हेतु कृषि सुधारों के विरुद्ध आंदोलन को इस तरह प्रस्तुत किया गया मानो सरकार किसानों की दुश्मन हो, जबकि सुधारों का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना था। इसके विरुद्ध अति सम्पन्न और विदेशी ताकतों से जुड़े लोगों ने किसान आंदोलन चलाया और लाल किले पर खालिस्तान का झंडा फहराने तक की अनुशासनहीनता की गईं ।”

उन्होंने कहा कि, “एसआईआर, चुनाव आयोग, वोट चोरी, यूजीसी, एनआरसी, यूसीसी और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर सत्य से पूरी तरह परे, झूठे दुष्प्रचार के माध्यम से जनता को भयभीत कर असंतोष फैलाने की कोशिशें की गईं है। ” सिसोदिया ने कहा कि ” इन आंदोलनों और आरोपों के पीछे राजनीतिक दुर्भावना तथा परोक्ष विदेशी एजेंडा अधिक रहा है। “

सिसोदिया ने कहा कि ” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आर्थिक विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और वैश्विक मंच पर सम्मान की दृष्टि से नई ऊँचाइयाँ प्राप्त की हैं। यही प्रगति कुछ विदेशी शक्तियों को असहज कर रही है। मोदीजी को सत्ता से हटाने के लिए एक बड़ा विदेशी षड्यंत्र रचा जा रहा है, जिसे गंभीरता से समझने और उजागर करने की आवश्यकता है।”

उन्होंने देशवासियों से अपील की कि ” देशवासी गद्दारों, राष्ट्रविरोधी मानसिकता रखने वालों और विदेशी एजेंडों को आगे बढ़ाने वालों से पूरी तरह सावधान रहें। किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक प्रचार और झूठे नैरेटिव से बचें। लोकतांत्रिक मतभेदों के बावजूद राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें तथा भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता को कमजोर करने वाली ताकतों का संगठित रूप से विरोध करें।”

सिसोदिया ने कहा कि ” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हटाने के लिए रचे जा रहे किसी भी विदेशी या देशी षड्यंत्र को सफल नहीं होने दिया जाएगा। भारत एक सशक्त, आत्मविश्वासी और जागरूक राष्ट्र है और आगे भी रहेगा। 

 

 

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